पाकुड़िया। फाइलेरिया उन्मूलन के तहत एमडीए-आईडीए कार्यक्रम 2026 की सफलता को लेकर प्रखंड मुख्यालय में सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) डीलरों के साथ बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रखंड विकास पदाधिकारी के निर्देशानुसार पाकुड़िया प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी श्री त्रिदेव शील की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उन्मुखीकरण के दौरान प्रशिक्षक डॉ. भरत भूषण भगत एवं केटीएस संजय मुर्मू ने जानकारी दी कि पाकुड़िया प्रखंड में एमडीए-आईडीए अभियान 10 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी योग्य लाभुकों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी। प्रखंड में कुल 1,15,570 योग्य लाभुक चिन्हित किए गए हैं।
कार्यक्रम के अनुसार
10 फरवरी को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर दवा सेवन कराया जाएगा।
11 से 13 फरवरी तक सभी विद्यालयों में दवा दी जाएगी।
14 एवं 15 फरवरी को कार्यालयों एवं जन वितरण दुकानों पर दवा खिलाई जाएगी।
16 से 25 फरवरी तक दवा प्रशासक घर-घर जाकर योग्य लाभुकों को दवा खिलाएंगे।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि फाइलेरिया एक वेक्टर जनित रोग है, जिससे हाथ-पांव में सूजन और हाइड्रोसील जैसी गंभीर समस्या होती है। यह बीमारी वुचेरेरिया बैंक्रॉफ्टी नामक परजीवी के कारण होती है, जो क्यूलेक्स मच्छर के माध्यम से फैलती है। उन्होंने कहा कि बीमारी के अंतिम चरण में इसका पूर्ण इलाज संभव नहीं होता, इसलिए रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने अपील की कि सभी योग्य लाभुक डीईसी, अल्बेंडाजोल एवं आइवरमेक्टिन दवा का सेवन उम्र व ऊंचाई के अनुसार वर्ष में एक बार अवश्य करें। दवा खाली पेट न लें तथा दवा प्रशासक के सामने ही सेवन करें। इससे किसी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव नहीं होता। किसी भी आपात स्थिति के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी ने सभी डीलरों को निर्देश दिया कि वे फाइलेरिया से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करें और वर्ष में एक बार फाइलेरिया रोधी दवा सेवन हेतु प्रेरित करें। इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में केटीएस संजय मुर्मू एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक मृत्युंजय कुमार द्वारा भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।









