पाकुड़। पूरे पाकुड़वासियों का नए साल का इंतजार आखिरकार बुधवार रात खत्म हो गया। ठीक रात 12 बजे शहर के अलग-अलग इलाकों में ‘हैप्पी न्यू ईयर’ के गीत गूंज उठे। आतिशबाजी के साथ वर्ष 2026 का भव्य स्वागत हुआ। लोग एक-दूसरे को गले लगाकर, मोबाइल कॉल, मैसेज और इमेज के जरिए नए साल की शुभकामनाएं देने में जुटे नजर आए। डिजिटल माध्यमों पर देर रात तक बधाइयों का सिलसिला चलता रहा। नए साल को लेकर खासकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, युवा मस्ती में झूमते नजर आए। दिसंबर की शुरुआत से ही नए साल की उलटी गिनती शुरू हो जाती है और 31 दिसंबर की रात का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। 2025 की विदाई और 2026 के आगाज के साथ ही शहर में उल्लास का माहौल बन गया।
पर्यटन स्थलों पर उमड़ने को तैयार सैलानी।
नए साल के मौके पर पाकुड़ के पर्यटन स्थल भी सैलानियों को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार दिखे। सिद्धू-कानू पार्क, धरनी पहाड़, लड्डू बाबू आमबागान, अलीबागान, पाकुड़िया का सिद्धपुर झरना, अमड़ापाड़ा प्रकृति बिहार, दुर्गापुर डैम और तोड़ाई नदी जैसे स्थानों पर पिकनिक मनाने वालों की भीड़ देखने को मिलती है। सिद्धू-कानू पार्क में पार्क प्रबंधन की ओर से पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां ‘प्रगतिशील पाकुड़’ सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है। बच्चों, युवाओं और बड़ों के मनोरंजन का खास ख्याल रखा गया है। पार्क परिसर में रेस्टोरेंट, आइसक्रीम स्टॉल, चाट-फुचका समेत अन्य खाद्य सामग्री की भी व्यवस्था की गई है।
इतिहास और मनोरंजन का संगम।
पार्क में 1857 के सिपाही विद्रोह और हूल क्रांति की यादों को संजोए संग्रहालय भी मौजूद है, जहां प्रवेश शुल्क मात्र ₹15 रखा गया है। यहां स्थित मार्टेलो टावर ब्रिटिश काल के संघर्ष और हूल क्रांति की कहानी को जीवंत करता है। मनोरंजन के लिए बच्चों के मिक्की माउस राइड का टिकट ₹30, जंपिंग ₹20, टॉय ट्रेन ₹20 और बुल राइड ₹30 निर्धारित है। आइसक्रीम की कीमत ₹20 से लेकर ₹70-80 तक है। कुल मिलाकर पार्क में मनोरंजन के सभी साधन उपलब्ध हैं।
नए साल के पहले दिन को यादगार बनाने के लिए पाकुड़ पूरी तरह तैयार है। जश्न, पर्यटन और इतिहास—तीनों का संगम शहर को खास बना रहा है।








