पाकुड़: जिले के धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलने वाली है। झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग ने जिले के दो प्रमुख धार्मिक स्थल—नगर परिषद क्षेत्र स्थित जटाधारी शिव मंदिर और महेशपुर प्रखंड स्थित भौरीकोचा मंदिर—को डी-श्रेणी पर्यटन स्थल का दर्जा दिया है।
जिलाधिकारी और जिला पर्यटन संवर्धन परिषद के अध्यक्ष श्री मनीष कुमार ने इस उपलब्धि पर पर्यटन विभाग का आभार जताते हुए कहा कि इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जटाधारी शिव मंदिर, जो नगर परिषद क्षेत्र में स्थित है, श्रद्धालुओं के लिए साल भर आकर्षण का केंद्र रहा है। खासकर श्रावण मास में यहाँ भारी भीड़ जुटती है। वहीं, भौरीकोचा मंदिर प्राचीन धार्मिक स्थल होने के साथ स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं में अत्यंत लोकप्रिय है। जिला क्रीड़ा सह पर्यटन पदाधिकारी श्री राहुल कुमार ने बताया कि डी-श्रेणी का दर्जा मिलने के बाद इन दोनों स्थलों पर सड़क संपर्क, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिला पर्यटन संवर्धन परिषद भविष्य में जिले के अन्य संभावित पर्यटन स्थलों को भी मान्यता दिलाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही है, ताकि पाकुड़ जिले को पर्यटन की दृष्टि से और अधिक सशक्त बनाया जा सके।







