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January 23, 2026 9:46 am

7 साल का सब्र टूटा, पचुवाड़ा-बिशनपुर के विस्थापितों का अल्टीमेटम, एक हफ्ते में हक नहीं मिला तो उग्र आंदोलन

अमड़ापाड़ा/पाकुड़: प्रखंड अंतर्गत नॉर्थ कोल ब्लॉक पचुवाड़ा-बिशनपुर से विस्थापित ग्रामीणों की उपेक्षा का मामला गंभीर होता जा रहा है। नॉर्थ कोल ब्लॉक की अनुश्रवण एवं नियंत्रण कार्य समिति ने डब्लूबीपीडीसीएल और एमडीओ बीजीआर इंफ्रा लिमिटेड पर सात वर्षों से विस्थापितों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से वंचित रखने का गंभीर आरोप लगाया है। समिति का कहना है कि कंपनी प्रबंधन लगातार सिर्फ आश्वासन देती रही, लेकिन विस्थापितों के पुनर्वास, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। इस कारण विस्थापित परिवारों की स्थिति दिन-प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है। इस संबंध में समिति ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी सहित डब्लूबीपीडीसीएल एवं बीजीआर इंफ्रा लिमिटेड के प्रबंधन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यदि अगले एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो विस्थापित ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य की समुचित सुविधा, बिशनपुर मौजा का समतलीकरण, विस्थापितों को नौकरी, नए श्रम नियोजन के तहत मजदूरी सुनिश्चित करना तथा 30 दिनों के भीतर नियमित वेतन भुगतान शामिल है। विस्थापितों का कहना है कि लंबे समय से हो रहे शोषण और सौतेले व्यवहार के खिलाफ अब निर्णायक संघर्ष का रास्ता ही एकमात्र विकल्प बचा है।

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