पाकुड़। पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में पाकुड़ जिला प्रशासन ने ठोस पहल की है। रविवार को उपायुक्त मनीष कुमार ने 70 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को 7 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए बिहार के राजगीर रवाना किया। यह भ्रमण रिवेंप्ड राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA) के तहत आयोजित किया गया है। प्रतिनिधिमंडल में जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के मुखिया, उप-मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत सहायक और जेएसएलपीएस (JSLPS) से जुड़ी दो सखी दीदियां शामिल हैं। यह दल राजगीर और आसपास की आदर्श ग्राम पंचायतों में संचालित सफल विकास मॉडल का गहन अध्ययन करेगा।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण केवल यात्रा नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का माध्यम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रतिनिधिमंडल बिहार के सफल नवाचारों से प्रेरणा लेकर लौटेगा और उन्हें अपनी-अपनी पंचायतों में जमीन पर उतारेगा। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस, ग्राम सभा की भूमिका, महिलाओं की भागीदारी और पंचायतों की आय बढ़ाने के तरीकों का अध्ययन करेगा। खासतौर पर गरीबी मुक्त गांव, स्वस्थ गांव और बाल हितैषी गांव जैसी अवधारणाओं को व्यवहार में कैसे लाया जाए, इस पर फोकस रहेगा।
विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि दूसरे राज्यों के सफल मॉडल को प्रत्यक्ष देखते हैं, तो उनमें नए प्रयोग करने का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं जिला परियोजना प्रबंधक आनंद प्रकाश ने बताया कि पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना ही रिवेंप्ड RGSA का मूल उद्देश्य है और सखी दीदियों की सहभागिता महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम है। भ्रमण के बाद सभी प्रतिभागी अपने अनुभवों पर आधारित रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसे पंचायती राज विभाग को भेजा जाएगा। रवानगी के समय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में खासा उत्साह दिखा। जनप्रतिनिधियों और सखी दीदियों ने इसे अपने गांवों के विकास के लिए सीखने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।









