पाकुड़िया प्रखंड के काली मंदिर मोंगला बांध में सार्वजनिक चैती काली पूजा को लेकर ग्रामीणों साथ एक बैठक अध्यक्ष अशोक वर्मा की अध्यक्षता में रविवार देर शाम को दुर्गा मंदिर परिसर में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि चैयती काली पूजा नवरात्रि के बाद 8 अप्रैल मंगलवार को आयोजित की जाएगी 7 अप्रैल सोमवार मध्य रात्रि को पूजन के बाद मंगलवार सुबह को बकरे की बली एवं देर शाम को प्रतिमा विसर्जन बड़े ही धूमधाम से किया जाएगा किया जाएगा। वहीं अध्यक्ष अशोक वर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी चैयत महीना में मोंगला बांध ग्राम स्थित बहुप्राचीन काली मंदिर में माँ काली की प्रतिमा स्थापित कर चैयती काली पूजा का आयोजन धूमधाम से किया जाता है। पूजा में माँ काली की सार्वजनिक प्रतिमा के अलावे मुरादे पूरी होने पर श्रद्धालुओं द्वारा निजी प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है। इस मंदिर में लोगो की आस्था अदभुत है, मान्यता है कि यहाँ जो कोई भी श्रद्धालु आस्था व विश्वास के साथ पूजा अर्पित करते हैं और मन्नते माँगते है माँ काली उनकी मुराद आवश्य पूरी करती है । इस कारण हर वर्ष यहाँ पूजा में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ते जाती है।इस प्राचीन काली मंदिर में लगभग 100 वर्षो से चैयत महीना किसी भी एक मंगलवार को हर वर्ष पूजा होते आ रही है । मन्नत पूरा होने पर श्रद्धालु पाठे की बली चढ़ाते हैं । यहाँ मन्दिर की नियमित देखरेख एवं नित्य पूजा स्थानीय पुजारी करते हैं।बैठक में कमेटी के लखींद्र पाल, चंदन वर्मा, मधुसूदन वर्मा, जितेन पाल, तारापदो पाल, आकाश वर्मा, बबलु पाल सहित कमेटी के अन्य सदस्य एवं दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।





