पत्रकार – सौरभ मित्तल
नगर निकाय चुनावों की सरगर्मी के बीच वार्ड नंबर 30 की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। इस बार वार्ड की जनता बदलाव के मूड में नजर आ रही है। क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं और पूर्व पार्षदों की वादाखिलाफी से तंग आकर अब अदनान उर्फ निराला जी ने चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है।
पूर्व दावों की खुली पोल, जनता अब भी बदहाल
वार्ड नंबर 30 की स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है जैसी सालों पहले थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे तो किए, लेकिन जीतने के बाद वे वार्ड की गलियों से गायब हो गए। जलभराव, टूटी सड़कें और साफ-सफाई की कमी आज भी वार्ड की मुख्य पहचान बनी हुई है।
क्यों खास हैं ‘निराला जी’?
अदनान उर्फ निराला जी कोई नए नाम नहीं हैं। वे पिछले काफी समय से जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को उठाते रहे हैं। उनकी कुछ मुख्य विशेषताएं जो उन्हें दूसरों से अलग बनाती हैं:
24/7 उपलब्धता: निराला जी की सबसे बड़ी ताकत उनकी उपलब्धता है। वार्ड का कोई भी व्यक्ति उन्हें आधी रात को भी फोन कर सकता है या मदद के लिए बुला सकता है।
ग्राउंड जीरो पर काम: उन्होंने चुनाव से पहले ही जनता के सुख-दुख में शामिल होकर यह साबित किया है कि वे केवल पद के भूखे नहीं, बल्कि सेवा के इच्छुक हैं।
समस्याओं का समाधान ही संकल्प: उनका मुख्य उद्देश्य वार्ड को उन समस्याओं से मुक्ति दिलाना है जिन्हें पूर्व पार्षदों ने नजरअंदाज किया।
जनता का मिल रहा भारी समर्थन
वार्ड के दौरों के दौरान निराला जी को युवाओं और बुजुर्गों का भरपूर आशीर्वाद मिल रहा है। अदनान उर्फ निराला जी का कहना है, “मेरा चुनाव लड़ना कोई व्यक्तिगत इच्छा नहीं, बल्कि वार्ड की जनता की पुकार है। हम नारों से नहीं, काम से वार्ड की तस्वीर बदलेंगे।”







