बजरंग पंडित
पाकुड़िया, मोंगला बांध सहित अन्य दर्जनों गांवों में सोमवार देर शाम को राम जन्मभूमि अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर राम कथा का आयोजन किया गया।हनुमान मंदिर पाकुड़िया में तीसरे व अंतिम दिन बनारस के गौतम महाराज एवं मोंगला बांध हनुमान मंदिर में प्रांगण में देवघर के बलराम पोद्दार महाराज ने राम कथा प्रवचन भक्तों को सुनाया।
रामकथा पर प्रकाश डालते हुए रामयण की सबसे बड़ी घटना के बारे में बताया।कि कैकेयी की जिद्द की वजह से भगवान राम को वन जाना पड़ा था। यह बात राम चरित मानस के इस दोहे से स्पष्ट होता है- बिपति हमारी बिलोकि बड़ि मातु करिअ सोइ आजु। रामु जाहिं बन राजु तजि होइ सकल सुरकाजु।भगवान राम का जन्म रावण वध करने के उद्देश्य से हुआ था। अगर राम राजा बन जाते तो देवी सीता का हरण और इसके बाद रावण वध का उद्देश्य अधूरा रह जाता। वनवास के दौरान राम ने रावण का वध कर चौदह वर्ष बाद अयोध्या वापस लौटे थे और उस दिन अयोध्या में दीपावली मनाई गई थी। आज पुनः 500 साल बाद भगवान राम अपने घर वापस लौटे हैं इस कारण आज 22 जनवरी को भारत में ही नहीं पूरे संसार में दिया जलाकर दीपावली की उत्सव मनाई गई। कथा के दौरान बीच बीच में मधुर भजन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।






