अखाड़ा, झांकियां और सेवा शिविरों के बीच शांतिपूर्ण माहौल में आस्था और सौहार्द की दिखी अनोखी मिसाल
पाकुड़। भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी पर पूरे पाकुड़ जिले में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगर से लेकर प्रखंडों तक जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के बीच भव्य शोभायात्राएं, अखाड़ा जुलूस और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया। जिले के पाकुड़ नगर, महेशपुर, अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, हिरणपुर और पाकुड़िया में दिनभर मंदिरों में पूजा-अर्चना और अनुष्ठानों का दौर चला। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिरों में उमड़ पड़ी, वहीं दोपहर बाद भव्य शोभायात्राओं ने पूरे क्षेत्र को उत्सव में बदल दिया।

भव्य अखाड़ा और आकर्षक झांकियां बनीं केंद्र
पाकुड़ नगर में श्री श्री 1008 हनुमान मंदिर से निकला मुख्य अखाड़ा जुलूस आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें नगर की पांच प्रमुख अखाड़ा समितियां शामिल हुईं। गाजे-बाजे, पारंपरिक शस्त्र संचालन और कलाकारों के हैरतअंगेज करतबों ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शोभायात्राओं में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत झांकियां सजाई गईं। कहीं शिव तांडव तो कहीं मां काली के रूप में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से भक्तों का उत्साह बढ़ाया। रेलवे कॉलोनी से निकली शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए थाना पहुंची, जहां पुलिस परिवार द्वारा स्वागत किया गया। जगह-जगह समाजसेवियों ने शरबत, पानी और फल के स्टॉल लगाकर सेवा भाव की मिसाल पेश की।

प्रखंडों में भी दिखा उत्साह
अमड़ापाड़ा में बजरंगबली मंदिर से निकली शोभायात्रा में देवघर से आई झांकियां और बंगाल के भांगड़ा दल ने विशेष आकर्षण बटोरा। महेशपुर में बूढ़ा बाबा महेश्वर नाथ शिव मंदिर से निकले जुलूस में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। तासा-बाजा और भक्ति गीतों पर रामभक्त झूमते नजर आए।

सौहार्द की मिसाल
महेशपुर में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अंबेडकर चौक पर रामभक्तों का स्वागत कर पानी और शरबत पिलाया। यह दृश्य सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल बन गया, जिसकी लोगों ने सराहना की।

प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के नेतृत्व में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया गया और जुलूस मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई। डीसी और एसपी ने स्वयं पैदल मार्च कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही अखाड़ा में शामिल महिला शक्ति को प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न दलों को सम्मानित कर प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की।

सेवा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ आयोजन
भीषण गर्मी के बावजूद जगह-जगह लगाए गए प्याऊ और सेवा शिविरों ने श्रद्धालुओं को राहत दी। प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बेहतर समन्वय से पूरा आयोजन अनुशासित, शांतिपूर्ण और भव्य तरीके से संपन्न हुआ। पूरे जिले में रामनवमी का पर्व आस्था, उत्साह और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए यादगार बन गया।









