जहाँ नेतृत्व खुद रक्तदान करता है, वहाँ इंसानियत जिंदा रहती है।
पाकुड़। मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की सशक्त मिसाल पेश करते हुए मनीष कुमार, उपायुक्त पाकुड़ ने मंगलवार को अपना 24वां रक्तदान किया। यह पाकुड़ जिले में उनका पांचवां रक्तदान रहा। उनके इस महादान ने न सिर्फ जरूरतमंदों के लिए जीवन की आशा जगाई, बल्कि समाज को सेवा और संवेदना का मजबूत संदेश भी दिया। प्रोजेक्ट जागृति के तहत जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। यह शिविर रक्त अधिकोष, पुराना सदर अस्पताल पाकुड़ सहित हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा, महेशपुर और पाकुड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित हुए। इन शिविरों में कुल 64 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाज सेवा की प्रेरणादायक मिसाल पेश की।
शिविर का उद्घाटन स्वयं उपायुक्त ने रक्तदान कर किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन माह के अंतराल पर सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है और ऐसा करना सामाजिक दायित्व भी है। रक्तदान से न केवल जरूरतमंदों की जान बचती है, बल्कि समाज में मानवीय मूल्यों और सहयोग की भावना भी सुदृढ़ होती है। उपायुक्त ने कहा कि जिले में हर समय जनसंख्या के कम से कम एक प्रतिशत के बराबर रक्त यूनिट उपलब्ध रहना आवश्यक है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में रक्त की कमी न हो। उन्होंने जानकारी दी कि प्रोजेक्ट जागृति के अंतर्गत अब हर माह की 24 तारीख को जिले के सभी प्रखंडों में नियमित रूप से रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार चौधरी, जिला निर्वाचन कार्यालय के लिपिक ओंकार कुमार, पीएमयू सेल के कर्मी, जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भी रक्तदान किया।
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त द्वारा रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया और उनके इस योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा—
रक्तदान महादान है। इससे अनगिनत जिंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। हर सक्षम व्यक्ति को इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।











