पाकुड़। नालसा, नई दिल्ली और झालसा, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ के तत्वावधान में चल रहे “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” अभियान के तहत सोमवार को दो मामलों में सफल सुलह-समझौता कराया गया। वर्षों से अलग रह रहे दो दंपति आपसी मतभेद भुलाकर फिर एक साथ रहने को राजी हो गए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा दिवाकर पांडे के मार्गदर्शन में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से यह सफलता मिली। समझौता हुए मामलों में भरण-पोषण वाद संख्या 339/2025 (संतोषनी मुर्मू बनाम संतोष सोरेन) और वाद संख्या 275/2025 (जासमीन खातून बनाम आलम शेख) शामिल हैं। दोनों दंपतियों की एक-एक छोटी बच्ची है। मध्यस्थता के दौरान पति-पत्नी ने बीते मतभेद समाप्त कर साथ मिलकर गृहस्थी बसाने और भविष्य में विवाद न करने का संकल्प लिया। इस पहल से दो परिवारों में फिर से खुशियां लौटीं।
अभियान का संचालन डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की देखरेख में किया जा रहा है। मौके पर दोनों पक्षों के परिजन और अधिवक्ता उपस्थित रहे। न्यायालय ने दंपतियों को आपसी सम्मान, संवाद और सौहार्द के साथ परिवार चलाने की सीख दी।







