पाकुड़। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में रविवार को जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों की एक के बाद एक समीक्षा बैठकों और औचक निरीक्षण के माध्यम से प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली। कृषि, सहकारिता और उद्यान विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के साथ ही जिला पेंशन एवं लेखा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर उपायुक्त ने साफ संदेश दिया कि योजनाओं और कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कृषि योजनाओं पर फोकस
कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत संचालित योजनाओं की भौतिक व वित्तीय प्रगति की गहन समीक्षा की गई। उपायुक्त ने गरमा मूंग बीज वितरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, आम्लिक मिट्टी सुधार, फसल सुरक्षा, बिरसा ग्राम विकास योजना, किसान समृद्धि योजना, पीएम-कुसुम योजना, केसीसी आवेदनों के निष्पादन समेत सभी योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ समय पर मिले, इसके लिए विभागीय समन्वय और निगरानी बेहद जरूरी है।
पेंशन एवं लेखा कार्यालय का औचक निरीक्षण
उपायुक्त ने जिला पेंशन एवं लेखा कार्यालय का औचक निरीक्षण कर लेखा बंद पंजी, डिस्पैच रजिस्टर, उपस्थिति पंजी और निकासी आवेदनों की जांच की। निरीक्षण में सेवा पुस्तकों के लंबित न होने पर संतोष जताते हुए उन्होंने सभी वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी व समयबद्ध ढंग से करने के निर्देश दिए।
सहकारिता विभाग में पारदर्शिता पर जोर
सहकारिता विभाग की बैठक में बीज वितरण योजना, लैंपस की कार्यप्रणाली, गोदाम निर्माण की गुणवत्ता और कोल्ड स्टोरेज की स्थिति की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में नोडल लैंपस के चयन, अधिक धन प्राप्ति वाले केंद्रों के भौतिक सत्यापन और गोदाम निर्माण में गुणवत्ता सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारिता योजनाओं का सीधा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए।
उद्यानिकी से बढ़ेगी किसानों की आय
उद्यान प्रभाग की समीक्षा बैठक में राज्य और केंद्र प्रायोजित योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। उपायुक्त ने शेष अवयवों के शीघ्र वितरण, शहरी कृषि योजना के तहत पार्कों के सौंदर्यीकरण, लिट्टीपाड़ा में मधु महोत्सव और पाकुड़ में उद्यान महोत्सव सह सब्जी कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिए। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी जिले की आर्थिक रीढ़ हैं। योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित निगरानी और जवाबदेही से ही किसानों की आय बढ़ेगी और आम जनता को समय पर लाभ मिल सकेगा।







