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January 23, 2026 7:17 pm

हिरणपुर की सड़क या मौत का बुलावा?

गड्ढों में भरी जिंदगी, नेता नदारद! जनता पूछ रही है — किस मुंह से वोट मांगोगे अगली बार?

राहुल दास।

हिरणपुर बाज़ार की मुख्य सड़क अब राह नहीं, रोज़ाना हादसों का अड्डा बन चुकी है। बारिश ने सड़क को दलदल बना दिया है और प्रशासन की आंखें अब भी मूंदीं हैं। दो से ढाई फीट तक की खाइयों में गाड़ियाँ नहीं, ज़िंदगियाँ गिर रही हैं।
कभी पीडब्ल्यूडी के अधीन रही यह सड़क अब एनएच 333A में शामिल तो कर ली गई, लेकिन मरम्मत कब होगी — किसी को नहीं पता। सुभाष चौक से लेकर हाईस्कूल मोड़ और रानीपुर तक, हर मोड़ पर मौत इंतज़ार कर रही है।

“बच्चे स्कूल जा रहे हैं, श्रद्धालु मंदिर — लेकिन उन्हें कीचड़ और गंदगी के समंदर से गुजरना पड़ रहा है।”

वन विभाग कार्यालय, मध्य विद्यालय, रविन्द्र चौक — इन तमाम संवेदनशील इलाकों में खाईनुमा गड्ढे बने हुए हैं, जिनमें गिरकर कई लोग घायल हो चुके हैं। एनएच विभाग ने खानापूर्ति करते हुए कभी पत्थर डलवाया, कभी धूल से पटवाया — लेकिन भारी वाहनों ने सब उजाड़ दिया। जनता जानना चाहती है — क्या अब किसी की मौत के बाद ही जगेगा सिस्टम? उधर, गोपालपुर पुल के पास की खाई पर कई बार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, पर नेता और अफसरों के पास “जांच” और “जल्द” जैसे पुराने वादों के अलावा कुछ नहीं। बीडीओ साहब कह रहे हैं उच्च अधिकारी से बात करेंगे। जनता पूछ रही है — अब तक कर क्यों नहीं ली?

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