अक्षय कुमार सिंह
कुजू। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुंदरिया के विद्यालय परिसर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा आयोजित सप्त-शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि के रूप मे समाजसेविका सावित्री देवी शामिल हुई।

मौके पर उन्होंने कहा कि माँ बच्चों की प्रथम गुरु होती है। बुच्चों के विकास में माताओं की भूमिका अहम होती है। इतिहास गवाह है कि एक वीर जननी ही एक परमबीर की माँ होती है। उन्होंने उपस्थित सैकड़ो माताओं से कहा कि श्री, कृति, कृति क्षमा क्षमा, वाक, मेधा एवं स्मृति यह सप्त गुण भारतीय माताओं का श्रृंगार है।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता पदमावति सिंह ने कहा कि पंच परिवर्तन के लिए नारी सशक्तिकरण आवश्यक है। वक्ता गायत्री कुमारी एवं ललिता देवी ने सामाजिक चेतना में महिलाओं की अहम भूमिका के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की। बताते चले कि कार्यक्रम की अध्यक्षता सावित्री देवी ने की। इस अवसर पर कुमारी रेणु मिश्रा, सोनी सिन्हा, लीला मिश्रा सहित अन्य को उनके पारिवारिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सृष्टि सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर आचार्या मंजू सिंह, विभा सिंह, मसूरी दास, गीता रानी, मौसमी अर्चना सिन्हा, शशि सिंह, मुर्मू चटर्जी, गीता देवी, रंजना कुमारी, सुषमा देवी, पार्वती कुमारी,अर्चना ओझा, रुजिया खातून शाहिदा अनवर, अंजून बेगम, हिना बेगम शिक्षिका अर्चना सिंह सहित करीब 250 महिलाओं की उपस्थिति रही।












