स्वराज सिंह
प्रभु राम बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। श्रीराम की यात्रा सत्य, न्याय और धार्मिकता की मानवीय यात्रा का रूपक है। प्रभु के हर आदर्श और आचरण का समाज को अनुसरण करना चाहिए। युवाओं के लिए श्रीराम का चरित्र एक शाश्वत प्रेरणा के रूप में है। यह बातें शहर के बिजली कालोनी स्थित शिव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के नौवें एवं आखिरी दिन मंगलवार करीब 6 बजे को अयोध्या धाम से आए अंतरराष्ट्रीय व्यास पारसमणी महाराज ने कही। व्यास पारसमणी महाराज ने श्रीराम कथा के नौवें दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भरत मिलाप प्रसंग पर कथा सुनाई। श्रीराम कथा के नौवें दिन राम और भरत के मिलाप होते ही पंडाल में प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कथा को सुनने दूर दराज एवं शहर के सैकड़ो महिला एवं पुरुष भक्त पहुंचे हुए थे। कल बुधवार को यज्ञ एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।मौके पर मुख्य रूप से श्री राम कथा ज्ञान महा यज्ञ समिति के अध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव,सचिव चंदन सिंह,संचालक अजय दुबे,आचार्य विकाश मिश्रा,सक्रिय सदस्य संतन सिंह ,तपन पासवान,मुख्य यजमान अजय रविदास उपस्थित रहे।






