Search

January 23, 2026 3:43 pm

धूमधाम से मना सोहराय पर्व, ढोल-नगाड़ों के साथ सड़कों पर उतरे आदिवासी छात्र।

पाकुड़: आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा लगातार तीन दिनों तक मनाया जाने वाला आदिवासी समाज का सबसे बड़ा त्योहार सोहराय पर्व का समापन रविवार को उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। अंतिम दिन छात्रावास के सभी आदिवासी छात्र-छात्राओं ने ढोल-नगाड़ों की गूंज और मांदर की थाप पर नाच-गान करते हुए शहर की सड़कों पर पारंपरिक जुलूस निकाला। इस दौरान छात्राएं पारंपरिक नृत्य करते हुए झूमती नजर आईं, वहीं पूरे माहौल में उत्सव की रौनक छाई रही।कार्यक्रम के दौरान आदिवासी छात्र-छात्राओं में खासा उत्साह देखा गया। सोहराय पर्व को लेकर अपनी बात रखते हुए छात्र नेता कमल मुर्मू ने कहा कि सोहराय पर्व आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव का प्रतीक है। यह पर्व नई फसल, पशुधन और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन से आदिवासी समाज की पहचान मजबूत होती है और युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ती है।कमल मुर्मू ने यह भी कहा कि सोहराय केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की जीवनशैली और सामूहिक एकता का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक सहेज कर रखना जरूरी है।

img 20260111 wa00218031258616381419582
img 20260111 wa00208354195244154770774
img 20260111 wa00198742207772683725015

Leave a Comment

लाइव क्रिकेट स्कोर