रामगढ़। स्वास्थ्य विभाग, रामगढ़ के द्वारा आज शनिवार को HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन पर आधारित एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों, नर्सों, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, और अन्य फ्रंटलाइन वर्कर्स को HPV संक्रमण, से होने वाले सर्वाइकल कैंसर तथा वैक्सीनेशन की महत्व के बारे में वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान डॉ० मयंक, चि० पदा० के द्वारा HPV वायरस के प्रकार, इसके प्रसार के तरीके, लक्षण, रोकथाम, और वैक्सीनेशन के लाभों पर विस्तार से बताया गया। साथ ही, प्रतिभागियों को वैक्सीन के सुरक्षित उपयोग, डोज शेड्यूल, लक्षित आयु वर्ग, और संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन के बारे में भी प्रशिक्षित किया गया। डॉ० मृत्युजंय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा, HPV वैक्सीनेशन सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का एक प्रभावी साधन है और यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है और ये लाखों लोगों को दी जा चुकी है इस वैक्सीन को 9 से 14 वर्ष की आयु में दिया जाना चाहिए क्योंकि इस उम्र में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) सबसे अच्छी प्रतिक्रिया देती है। आज के समय में महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) एक गंभीर चिंता का विषय है। भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसरों में यह दूसरा सबसे आम कैंसर है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि “HPV वैक्सीन” के जरिए इससे काफी हद तक बचा जा सकता है।
HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) एक आम वायरस है जो त्वचा के संपर्क के जरिए फैलता है। इसकी कई किस्में होती हैं। कुछ किस्में सामान्य मस्सों का कारण बनती हैं, जबकि कुछ हाई रिस्क किस्में सर्वाइकल, एनल और गले के कैंसर का कारण बन सकती हैं। कैंसर से बचाव” यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख HPV स्ट्रेन्स से सुरक्षा प्रदान करती है। इस प्रशिक्षण में सभी डॉ० मृत्युजंय कुमार सिंह, (DRCHO) डॉ० उदय श्रीवास्तव, (सर्जन), सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला कर्याक्रम प्रबंधन इकाई के सभी सदस्य, प्रखण्ड कार्यकम प्रबंधक, प्रखण्ड डाटा प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।






