झारखंड में महिला सशक्तिकरण की दिशा में चल रहा फूलो झानो आशीर्वाद अभियान अब जमीनी बदलाव की पहचान बनता जा रहा है। महेशपुर प्रखंड के बाबूदाहा गांव की सुखी हांसदा की कहानी इसी परिवर्तन की जीवंत मिसाल है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और सामाजिक असुरक्षा से निकलकर आत्मनिर्भर व सम्मानजनक जीवन की राह चुनी। झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी द्वारा संचालित इस अभियान से जुड़ने से पहले सुखी हांसदा हंडिया बेचकर परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। आय अनिश्चित थी और सामाजिक असुरक्षा हमेशा साथ रहती थी। वर्ष 2024 में “बर्नी स्वयं सहायता समूह” से जुड़ने के बाद उन्हें न केवल योजनाओं की जानकारी मिली, बल्कि आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ी।
स्वयं सहायता समूह के माध्यम से उन्हें मैया सम्मान योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का लाभ मिला। मार्च 2025 में अभियान के तहत मिले 25 हजार रुपये के ब्याज-मुक्त ऋण ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के बाद उन्होंने बकरी पालन से शुरुआत की, जो सफल रही। इसके बाद किराना दुकान और फास्ट फूड स्टॉल की शुरुआत की, जिसे वे अपने पति साइमन मरांडी के साथ चला रही हैं। आज वे बकरी पालन, पोल्ट्री, पिग्गरी, किराना दुकान और फास्ट फूड स्टॉल के जरिए स्थायी आय अर्जित कर रही हैं। इस सफलता पर उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि फूलो झानो आशीर्वाद अभियान महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहा है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रहा है। वहीं डीपीएम, जेएसएलपीएस प्रवीण मिश्रा ने कहा कि यह अभियान महिलाओं को असुरक्षित कार्यों से मुक्त कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय साक्षरता और विपणन सहयोग के माध्यम से सशक्त बना रहा है।








