पाकुड़ | राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 की औपचारिक शुरुआत सोमवार को जिले में जागरूकता रथ को रवाना कर की गई। उपायुक्त मनीष कुमार ने वीआईपी रोड से हरी झंडी दिखाकर रथ को रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न इलाकों में घूमकर लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट व सीट बेल्ट के उपयोग, ओवरस्पीडिंग से बचाव और नशे की हालत में वाहन न चलाने जैसे संदेश देगा। इस मौके पर उपायुक्त ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं लगातार जान-माल की बड़ी क्षति का कारण बन रही हैं। इस वर्ष सड़क सुरक्षा माह की थीम “सीख से सुरक्षा, टेक्नोलॉजी से परिवर्तन” रखी गई है। उद्देश्य साफ है—लोगों को नियमों की सही जानकारी देकर दुर्घटनाओं में कमी लाना। उन्होंने कहा कि जागरूकता रथ स्कूलों, कॉलेजों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति सचेत करेगा। उपायुक्त ने बताया कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छोटी-छोटी सावधानियां बेहद जरूरी हैं। दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाले दोनों को हेलमेट पहनना चाहिए, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट अनिवार्य है। ओवरस्पीडिंग, क्षमता से अधिक सवारी, अनावश्यक हॉर्न और बिना लाइसेंस वाहन चलाना दुर्घटनाओं को न्योता देता है। उन्होंने अपील की कि केवल वैध लाइसेंसधारी व्यक्ति ही वाहन चलाएं और निर्धारित गति सीमा का पालन करें। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा माह का मुख्य लक्ष्य युवा पीढ़ी तक जागरूकता पहुंचाना है। सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति और अनुशासित जीवनशैली आपस में जुड़ी हुई हैं। नशे से दूरी रखने पर सड़क हादसों में कमी आती है। उपायुक्त ने बताया कि बीते एक वर्ष में प्रशासन के निरंतर प्रयासों से जिले में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। दुर्घटना संभावित और बाजार क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार स्पीड ब्रेकर भी बनाए गए हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 01 से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, सेमिनार, वाहन जांच अभियान और शपथ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।









