पाकुड़। नगर निकाय चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के खर्च पर पैनी नजर रखने के लिए सभी बैंकों को सीधे तौर पर जिम्मेदारी सौंपी गई है। सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) मनीष कुमार की अध्यक्षता में सभी बैंक शाखा प्रबंधकों के साथ अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में स्पष्ट किया गया कि हर प्रत्याशी को चुनाव के लिए अलग बैंक खाता खोलना अनिवार्य होगा और चुनाव से जुड़ा पूरा लेन-देन इसी खाते से करना होगा। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार अधिकतम 6 लाख रुपये और पार्षद पद के उम्मीदवार अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक ही खर्च कर सकेंगे। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि चुनाव में धनबल के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए बैंक कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर उन्हें माइक्रो ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया जाएगा। इससे मतदान प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि प्रत्याशियों के खातों की नियमित निगरानी करें और किसी भी संदिग्ध या असामान्य लेन-देन की तुरंत सूचना निर्वाचन प्राधिकारियों को दें। उपायुक्त ने कहा कि चुनाव खर्च की पारदर्शिता लोकतंत्र की विश्वसनीयता का आधार है, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बैंकिंग व्यवस्था, चुनाव व्यय निगरानी और चुनावी प्रक्रिया में बैंक कर्मियों की भूमिका को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में परियोजना निदेशक, आईटीडीए, अपर समाहर्ता, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी सहित विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।




