पाकुड़। व्यवहार न्यायालय स्थित बार एसोसिएशन सभागार में सोमवार को बार और बेंच के बीच समन्वय को लेकर एक अहम बैठक हुई। बैठक में नव-पदस्थापित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उद्देश्य स्पष्ट था—न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना और वादकारियों को समय पर न्याय दिलाना। बैठक की शुरुआत बार एसोसिएशन की ओर से न्यायिक पदाधिकारियों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद गरिमामय माहौल में न्यायालयीन और प्रशासनिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। बार और बेंच ने आपसी सहयोग, कार्यप्रणाली में सुधार और मामलों के शीघ्र निपटारे पर सहमति जताई।
युवा अधिवक्ताओं को संदेश।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने पाकुड़ बार की कार्यशैली की सराहना की। स्वामी विवेकानंद जयंती सह राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से कहा कि निरंतर अध्ययन और कानूनी ज्ञान में वृद्धि ही सफलता की कुंजी है। अनुशासन और तैयारी से ही बेहतर वकालत संभव है। बैठक में प्रधान न्यायाधीश (कुटुंब न्यायालय) रजनीकांत पाठक, जिला जज कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत चंद्रा, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी सतीश उज्जवल बेग और न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी विशाल दास उपस्थित रहे। बार एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष मोहिउद्दीन, सचिव दीपक ओझा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।









