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January 26, 2026 9:36 pm

“एक राष्ट्र, एक विधान, एक प्रधान” के लिए जिन्होंने जान दी, उन्हें भाजपाइयों ने दी श्रद्धांजलि।

सतनाम सिंह

भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् और प्रखर राष्ट्रवादी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर रविवार को भारतीय जनता पार्टी पाकुड़ इकाई ने टीन बंगला स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दिन को भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘बलिदान दिवस’ के रूप में मनाया। कार्यक्रम में मौजूद भाजपा जिलाध्यक्ष अमृत पाण्डेय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की अखंडता के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “डॉ. मुखर्जी पहले नेता थे जिन्होंने अनुच्छेद 370 का खुला विरोध किया और कश्मीर में ‘दो निशान, दो विधान, दो प्रधान’ के खिलाफ जन आंदोलन छेड़ा, जिसके चलते वहां से परमिट सिस्टम खत्म हुआ।” उन्होंने यह भी कहा कि आज मोदी सरकार ने डॉ. मुखर्जी के सपनों को साकार करते हुए जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35A को हटाकर राष्ट्र की एकता को मजबूत किया है। प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी ने उन्हें देश का पहला राजनीतिक बलिदानी बताते हुए कहा कि “डॉ. मुखर्जी की मृत्यु आज भी रहस्य बनी हुई है। जब उनके परिवार ने मौत की जांच की मांग की, तो नेहरू सरकार ने उसे खारिज कर दिया।” उन्होंने कहा कि 52 वर्ष की उम्र में मुखर्जी ने राष्ट्र की एकता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। मरांडी ने दावा किया कि “बंगाल और पंजाब को भारत से अलग होने से बचाने में भी मुखर्जी की निर्णायक भूमिका थी। उन्होंने मुस्लिम लीग के सामने झुकने से इनकार कर दिया था, जबकि तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू विभाजन के प्रस्ताव के आगे झुक चुके थे।” कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुग्रहित प्रसाद साह, जिला महामंत्री रूपेश भगत, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शबरी पाल, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष दीपक साह, नगर अध्यक्ष सोहन मंडल, हिसाबी राय, पवन भगत, धनेश्वर सोरेन, सपन दुबे, पार्वती देवी, विश्वनाथ भगत, बासु मंडल, जयदेव, पप्पू भगत समेत कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

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