जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर : एक बार फिर इंसानियत और संवेदनहीनता की तस्वीर साथ-साथ देखने को मिली। डी.ए.वी. इंजीनियरिंग कॉलेज, मेदिनीनगर के छात्र तारीक अनवर बाइक दुर्घटना में घायल होकर सड़क पर पड़े रहे। सिर और बांह में चोट लगी थी, लेकिन आसपास से गुजरने वाले कई लोग बस देखते रहे—जैसे यह कोई इंसान नहीं, बल्कि कोई तमाशा हो।
कहते हैं कि आज के दौर में मोबाइल निकालकर वीडियो बनाना आसान है, लेकिन किसी घायल को अस्पताल पहुंचाने का साहस कम ही लोग दिखाते हैं। ऐसे समय में जोहार इंडिया न्यूज़ के पत्रकार रोहित कुमार ने इंसानियत की मिसाल पेश की। उन्होंने तुरंत घायल छात्र को इंजीनियरिंग कॉलेज दुबियाखांड से जोरकट स्थित एस.पी.एम.एस हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि जहां भीड़ खड़ी होकर मूक दर्शक बनी रही, वहीं एक पत्रकार ने अपनी जिम्मेदारी से आगे बढ़कर मानवता का कर्तव्य निभाया।
यह घटना समाज के सामने एक सवाल जरूर छोड़ जाती है—क्या हम सच में इतने व्यस्त हो गए हैं कि किसी घायल की मदद के लिए दो मिनट भी नहीं निकाल सकते?




