पाकुड़। जिले की झिकरहटी पूर्वी पंचायत को आदर्श विकास मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासन ने रफ्तार बढ़ा दी है। इसी क्रम में मनीष कुमार की अध्यक्षता में पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 के तहत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुखिया, पंचायत सचिव, बीपीओ, सेविका दीदियाँ सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, बुनियादी ढांचा और जनकल्याणकारी योजनाएँ—इन चारों स्तंभों पर एक साथ काम कर पंचायत को मॉडल बनाया जाएगा।
स्वास्थ्य और पोषण पर फोकस
उपायुक्त ने पंचायत के हर परिवार की बेसिक हेल्थ प्रोफाइलिंग कराने का निर्देश दिया। आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होगा और कुपोषण की पहचान के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। हेल्दी पंचायत के लक्ष्य को पाने के लिए स्वास्थ्य उपकेंद्रों की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया। इस दौरान ग्रामीणों को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत दवा सेवन के लिए भी प्रेरित और जागरूक किया गया।
बुनियादी ढांचे का कायाकल्प
पंचायत में जर्जर सड़कों की मरम्मत, स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण, खेल मैदानों और सामुदायिक भवनों के विकास को प्राथमिकता दी गई। साथ ही पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल संरक्षण संरचनाओं को क्रियाशील करने के निर्देश दिए गए।
स्वच्छता और हरित वातावरण
झिकरहटी पंचायत को स्वच्छ पंचायत की श्रेणी में अग्रणी बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दिया गया। घर-घर कचरा उठाव, बेहतर जल निकासी और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाने का फैसला लिया गया।
योजनाओं का लाभ हर पात्र तक
उपायुक्त ने पीडीएस, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लोगों तक पहुँचाने के निर्देश दिए। साथ ही पंचायत की उपलब्धियों और नवाचारों का दस्तावेजीकरण व वीडियो निर्माण कराने को कहा गया।
पंचायत दिवस तक लक्ष्य पूरा
उपायुक्त ने सभी विभागों को समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर समन्वय से ही पंचायत को आदर्श बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य है कि 24 अप्रैल को मनाए जाने वाले पंचायत दिवस पर झिकरहटी पंचायत को हेल्दी, स्वच्छ और विकासशील मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाए।








