पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के कुटुंब न्यायालय में एक टूटता परिवार फिर से जुड़ गया। ओरिजनल सूट वाद संख्या 157/2025 (सायुद शेख बनाम सालेमा खातून) में वर्षों से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी मतभेद प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से समाप्त हो गए।
न्यायालय की पहल और समझाइश के बाद दोनों पक्षों ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई। दंपति ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार का वाद-विवाद नहीं करने और पारिवारिक जीवन को सौहार्दपूर्ण ढंग से निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर नई शुरुआत की। दंपति का एक छोटा बच्चा भी है, जिसके भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह सुलह परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुई। प्रधान न्यायाधीश श्री रजनीकांत पाठक ने दोनों को आपसी समझ, प्रेम और सहयोग के साथ जीवन बिताने का आशीर्वाद दिया। मौके पर दोनों पक्षों के परिजन, अधिवक्ता मुकेश कुमार एवं सुलेखा प्रमाणिक उपस्थित रहे। कुटुंब न्यायालय की इस पहल से न सिर्फ एक परिवार बचा, बल्कि घर में फिर से खुशियां लौट आईं।







