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April 11, 2026 8:45 am

सोहराय पर्व की धूम, आदिवासी समुदाय में उत्साह और उमंग का महौल।

बजरंग पंडित

पाकुड बाजार समिति में तीन दिवसीय सोहराय पर्व की काफी धूम है,लोगों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है, विभिन्न गांव में आए ग्रामीण आदिवासी समाज के लोग सोहराय पर्व को लेकर अपार उत्साह है। नाइकी यानी पुजारी के द्वारा पारंपरिक रिवाज से पूजा-अर्चना के साथ ही नृत्य गीत के साथ सोहराय पर्व में धार्मिक गतिविधियां प्रखंड के विभिन्न गांव में देखा जा सकता है। पूजा के दौरान इष्टदेव को स्मरण करते हुए महिला पुरूष एवं बच्चों ने सुख समृद्धि की मन्नत मांगी जाती है। पाकुड प्रखंड के विभिन्न आदिवासी गांव टोले में मांदर की थाप में महिला-पुरुष नृत्य करने में मशगूल हैं।प्राचीन परंपरा और संस्कृति झलकती है। जानकारी हो कि इस महान उत्सव में आपसी मनमुटाव और दुश्मनी को भुलाकर हर कोई सोहराय के रंग में रंगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि नाइकी यानी पुजारी के देख रेख में गांव के गाय बैल आदि मवेशी को एक जगह एकत्रित किया जाता है। वहां पहले से जमीन पर रखा गया अंडा को फोड़ने या सूंघने वाले मवेशी को सर्वश्रेष्ठ मवेशी के रूप में सम्मानित किया जाता है। सिंदूर और आवश्यक सामग्री से सजाकर विधिपूर्वक पूजा की जाती है। साथ ही साथ मवेशी मालिक को भाग्यवान की मान्यता दी जाती है। इस नजारा को देखने के लिए गांव के लोग काफी संख्या में उपस्थित होते हैं। मूल रूप में यह प्रकृति से प्रेम का पर्व है।

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