अक्षय कुमार सिंह
मांडू। रामगढ़ जिला के मांडू अंचल कार्यालय के अंतर्गत निर्मित ओएनजीसी के सीएसआर मद से निर्मित आधुनिक सामुदायिक शौचालय लापरवाही के कारण अपनी दुर्दशा बता रही है।

शौचालय का उपयोग वर्तमान में बंद है। शौचालय तक पहुंचाने का मार्ग कटीली झाड़ियां से घिर चुका है। शौचालय के दरवाजे एवं खिड़कियां नष्ट हो चुके हैं। जो बचे हुए दरवाजे एवं खिड़कियां है वो भी लापरवाही के कारण दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। शौचालय में यूरोपीय एवं भारतीय शैली में बना शौचालय अभी भी थोड़ी सी व्यवस्था कर देने पर आम लोग जो अपनी समस्याओं को लेकर अंचल कार्यालय आते हैं उनके उपयोग में आ सकता है। विशेष करके यहां रोजाना सैकड़ो की संख्या में महिलाएं आती है जिन्हें एक स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की आवश्यकता होती है। लेकिन वर्तमान में लाखों की राशि से निर्मित या सामुदायिक शौचालय सफाई एवं रखरखाव के अभाव में फटे हाल स्थिति में पहुंच चुकी है। इस विषय पर स्थानीय दुकानदार एवं अंचल कार्यालय पहुंचने वाले लोग नाराज नजर आ रहे हैं। खबर के अगली कड़ी में हम प्रखंड विकास पदाधिकारी की राय इस संबंध में जानेंगे।
आखिरकार कसूरवार कौन है?









