राहुल दास
हिरणपुर (पाकुड़): सिजानो पर्व को लेकर बंगाली समुदाय में काफी उत्साह देखा गया। जहां इस पर्व को लेकर हिरणपुर प्रखंड अंतर्गत कई गांवों में करीब 100 क्विंटल से भी ज्यादा मछलियों की बिक्री हुई। परम्परागत रूप से बंगाली समुदाय के लोग सिजानो पर्व को लेकर काफी उत्साहित रहते है। वसन्त पंचमी में देवी सरस्वती की पूजा अर्चना के बाद घर की महिलाएं सिजानो पर्व की तैयारी में लग जाती है। इसमे मां षष्टी की पूजा अर्चना परम्परागत रूप से की जाती है। परम्परा अनुरूप सोमवार अपरान्ह गृहणी नहा धोकर स्वच्छ वस्त्र पहनकर चावल सहित करीब दर्जन प्रकार के व्यंजन बनाती है। इसके साथ ही मछली भी बनाती है। रात को चूल्हा को साफ कर स्वच्छ बर्तन में सिजानो चढ़ाती है। जिसमे आलू , बैगन सहित अरहर , कुरथी सहित कई प्रकार के अनाज , फूल आदि को इसमे डालकर पकाया जाता है। इसके बाद लोड़ीपाटी को धोकर पूजा की जाती है। बनाये गए सभी व्यंजनों को स्वच्छ कपडे में ढककर रखा जाता है। जिसे मंगलवार को परिवार के सभी सदस्य सेवन करते है। कहा जाता है कि मंगलवार को चूल्हा नही जलाना है। उधर इस पर्व को लेकर हिरणपुर बाजार , डांगापाड़ा , गोपालपुर , तोड़ाई व देवपुर में सुबह से ही मछली बाजार लग गई थी। जहां मछली खरीदारी को लेकर लोगो का तांता लगा हुआ था। पर्व को लेकर मछली काफी ऊंची दरो पर बिकी। इसके बावजूद लोग खरीदने को लेकर लालायित दिखे।





