पाकुड़ में सरस्वती पूजा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना होगी। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पूजा को लेकर उत्साह चरम पर है। खासकर छात्र-छात्राओं में इसे लेकर खासा उल्लास देखा जा रहा है। बसंत पंचमी नजदीक आते ही मूर्तिकारों की व्यस्तता भी बढ़ गई है। रथ मेला मैदान सहित शहर के विभिन्न इलाकों में कलाकार दिन-रात मां शारदे की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। रंग-रोगन, साज-सज्जा और आभूषणों से प्रतिमाओं को जीवंत बनाया जा रहा है। रथ मेला मैदान में करीब आधा दर्जन से अधिक कैंप लगाए गए हैं, जहां सैकड़ों प्रतिमाओं का निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। इन्हीं में से एक प्रमुख नाम शिल्पकार रतन चंद्र राय का है। उनकी टीम में शामिल रोनी घोष, अमित राय, देव राय और प्रणव राय बीते करीब 40 दिनों से लगातार मेहनत कर रही है।
शिल्पकार रतन चंद्र राय के अनुसार इस वर्ष 1500 से लेकर 25 हजार रुपये तक की विभिन्न आकार और डिजाइन की प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। अब तक करीब 75 मां सरस्वती की प्रतिमाओं को जीवंत स्वरूप दिया जा चुका है, जिन्हें 23 जनवरी को होने वाली पूजा को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है।






