जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर: नगर निगम चुनाव के परिणामों के बाद, महापौर पद की प्रत्याशी श्रीमती रिंकू सिंह ने आज अपने समर्थकों और जनता को संबोधित करते हुए एक कड़ा, स्पष्ट और प्रभावशाली संदेश दिया है। विपरीत परिणामों के बावजूद, श्रीमती सिंह ने हार को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘जनता की सेवा का एक नया अध्याय’ बताया है।
विरोधियों को करारा जवाब: अफवाहों का किया खंडन
श्रीमती रिंकू सिंह ने उन विपक्षी ताकतों को करारा जवाब दिया जिन्होंने उनके खिलाफ ‘B टीम’ होने या चुनाव के बीच में ‘बैठ जाने’ जैसी भ्रामक अफवाहें फैलाई थीं। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा:
“मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो जनता के बीच जाकर बैठ जाते हैं। जिन्होंने ‘B टीम’ और ‘बैठ जाने’ का रूमर (अफवाह) उड़ाकर इस चुनाव में फायदा उठाने की कोशिश की है, मैं उन्हें भी शुक्रिया अदा करती हूं, क्योंकि उनकी साजिशों ने ही मुझे और मजबूत किया है।”
साथ ही इस चुनाव में एक तरफ धनबल, छल-कपट और साम-दाम-दंड-भेद था… तो दूसरी तरफ हमारा परिश्रम, लगन और विकास का विचार था। हमने संसाधनों से नहीं, बल्कि दिल से चुनाव लड़ा है। मात्र 25 दिनों के इस अल्प अवधि में हमे जिस तरह संम्मानित जनता का आपार समर्थन प्राप्त हुआ जिससे मैं अभिभूत हूँ जिसे शब्दो मे बयां करना मुश्किल है। उन्होंने अटल जी के शब्दों के साथ सत्ता-लोभियों पर निशाना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को याद करते हुए रिंकू सिंह ने विरोधी दलों पर कड़ा निशाना साधा और कहा:
“अटल जी ने कहा था कि सत्ता का खेल तो चलता रहेगा, सरकारें आएंगी-जाएंगी, पार्टियां बनेंगी-बिगड़ेंगी, मगर यह देश रहना चाहिए। आज विरोधी दल मेरे आंकड़ों पर हंस रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि अगर आज हमारी सीट मात्र चंद वोटों से पीछे रह गई, तो इसका मतलब वे कतई ना भूलें कि एक दिन ऐसा आएगा कि पूरे शहर में हमारा परचम होगा और यह जनता विरोधी दलों पर हंस रही होगी।”
5 साल का रोडमैप: सजग प्रहरी और जनसेवक
श्रीमती सिंह ने घोषणा की कि वे आने वाले 5 वर्षों तक जनता के बीच रहकर उनके दुखों-सुखों में भागीदार बनेंगी। उन्होंने अपनी भावी भूमिका स्पष्ट करते हुए कहा:
सड़कों पर संघर्ष: जनता के साथ होने वाले किसी भी जोर-जुल्म के खिलाफ वे सीधा जवाब देंगी।
प्रशासनिक जवाबदेही: नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उनकी पैनी नजर रहेगी। जनता के टैक्स के पैसे का सदुपयोग सुनिश्चित करने के लिए वे प्रशासन को जवाबदेह बनाए रखेंगी।
मूल्यों की राजनीति: राजनीति में ईमानदारी की मिसाल कायम करते हुए वे ‘सनातन का झंडा’ बुलंद रखेंगी।
श्रीमती सिंह ने विश्वास जताया कि उनका संघर्ष और जनता का अटूट प्रेम ही उनकी असली पूंजी है, जो भविष्य में एक बड़ी जीत की आधारशिला बनेगी। उन्होंने ये भी स्पष्ठ किया कि वे जनता के हृदय में थी, है और रहेगी। और जनता के सुख दुख में सदैव तत्पर रहेगी।






