राजकुमार भगत
पाकुड़। मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0 अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ की पहल पर शुक्रवार को कुटुंब न्यायालय में दो पारिवारिक मामलों का सफल सुलह-समझौता कराया गया। वर्षों से अलग रह रहे दोनों दंपतियों ने आपसी मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला लिया। यह मध्यस्थता नालसा, नई दिल्ली और झालसा, रांची के निर्देश पर प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार कुमार क्रांति प्रसाद की अध्यक्षता तथा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में कराई गई। कुटुंब न्यायालय में लंबित भरण-पोषण वाद संख्या 322/2025 (सूकतारा खातून बनाम जमीरुल शेख) और वाद संख्या 170/2025 (रेशमा खातून बनाम कोबीर हुसैन) में सुलह कराई गई। दोनों मामलों में पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को समाप्त कर दिया गया। दूसरे मामले में दंपती के दो छोटे बच्चे हैं। प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के अथक प्रयास से दोनों परिवारों में फिर से सुलह हुई। दंपतियों ने एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भविष्य में विवाद से दूर रहकर साथ रहने का संकल्प लिया।
इस पहल से टूटते रिश्तों को नई जिंदगी मिली। मध्यस्थता प्रक्रिया में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की अहम भूमिका रही। मौके पर दोनों पक्षों के परिजन, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मी मौजूद थे।








