राहुल दास
हिरणपुर। देवापाड़ा गांव के ग्रामीणों ने पानी की गंभीर समस्या को लेकर उपायुक्त को फिर से आवेदन देकर स्कूल के पास खराब पड़े चापाकल की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि यह चापाकल पिछले 6-7 महीने से खराब है, जिससे गांव के लोग और स्कूल के बच्चे पेयजल के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि इस चापाकल की पाइप जर्जर हो गई है, जिसके कारण यह लंबे समय से बंद पड़ा है। ग्रामीणों ने पहले भी पीएचडी विभाग के अभियंता को लिखित आवेदन देकर चापाकल की मरम्मत की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद ग्रामीणों ने पूर्व उपायुक्त को आवेदन दिया था। पूर्व उपायुक्त ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए हिरणपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी को फोन के माध्यम से तत्काल चापाकल की मरम्मत कराने का निर्देश दिया था। आदेश मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ने गांव का दौरा कर चापाकल का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही मरम्मत कार्य पूरा किया जाएगा। लेकिन कई महीनों के बाद भी चापाकल की मरम्मत नहीं की गई। गांव के स्कूल के पास चापाकल खराब होने से न केवल ग्रामीणों को बल्कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी पेयजल के लिए काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, क्योंकि बार-बार आवेदन देने और आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब ग्रामीणों ने वर्तमान उपायुक्त से अपील की है कि स्कूल के पास स्थित इस चापाकल की मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए या जर्जर पाइप की जगह नई पाइप लगवाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा इस समस्या का शीघ्र समाधान न होने पर उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने कहा कि पानी मानव जीवन की सबसे बुनियादी आवश्यकता है और प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए। उपायुक्त से उनकी एकमात्र अपेक्षा यही है कि चापाकल की समस्या का समाधान जल्द से जल्द हो, ताकि ग्रामीण और बच्चों को राहत मिल सके।





