धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान बना ग्रामीण विकास का सेतु
पाकुड़, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत पाकुड़ जिला प्रशासन ने एक बार फिर साबित किया कि योजनाएं अब फाइलों से निकलकर ज़मीन तक पहुंच रही हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में प्रशासनिक टीम ने पंचायत स्तर पर पहुंचकर जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुँचाया। पाकुड़ प्रखंड के कोलाजोड़ा पंचायत, हिरणपुर के धोवाडांगा पंचायत अंतर्गत पाडेरकोला धुमकुड़िया भवन, लिट्टीपाड़ा के सोनाधनी पंचायत, पाकुड़िया के फुलझिंझरी व गणपुरा पंचायत, महेशपुर के श्रीरामपुर व पथरिया पंचायत और अमड़ापाड़ा के सिंगारसी पंचायत में विशेष शिविरों का आयोजन किया गया।
इन शिविरों में राजस्व प्रमाण पत्र, पेंशन योजनाएं, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, आधार अपडेट, पीएम किसान योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, डिमांड रजिस्ट्रेशन सहित स्वास्थ्य जांच जैसे अनेक सेवाएं दी गईं। ग्रामीणों ने बताया कि अब उन्हें योजनाओं के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। सरकार और प्रशासन के इस “गांव चलो” अभियान से उन्हें घर के पास ही सभी सुविधाएं मिल रही हैं। खासकर वृद्ध, महिलाएं और बीमार लोग अब इन शिविरों में आकर सीधे लाभान्वित हो रहे हैं।
स्वास्थ्य जांच शिविरों में दिखा उत्साह
हर स्थान पर लगे स्वास्थ्य शिविरों में ग्रामीणों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। रक्तचाप, मधुमेह, सामान्य बीमारियों की जांच कर दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
प्रशासन की पहल, जनता की सराहना
जिलेभर में चल रहे इस अभियान की ग्रामीणों ने खुले दिल से प्रशंसा की। उनका कहना है कि प्रशासन की यह सीधी भागीदारी उनके जीवन को आसान बना रही है।







