जिला संवाददाता अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर: नगर निगम के वार्ड नंबर 18 के वर्तमान पार्षद विवेकानंद त्रिपाठी ने डिप्टी मेयर (उपमेयर) पद के लिए अपनी दावेदारी का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे 14 मार्च को होने वाले चुनाव में नामांकन करेंगे और उपमेयर का चुनाव लड़ेंगे।
त्रिपाठी ने कहा कि वे दो-तीन बार चुनावी प्रक्रिया का अनुभव ले चुके हैं और उन्हें प्रशासनिक कार्यों की पूरी समझ है। “मैं जानता हूं कि काम कैसे करना है। यदि मुझे उपमेयर पद की जिम्मेदारी मिलती है तो शहर की जाम और जल समस्या के समाधान पर प्राथमिकता से काम करूंगा,” उन्होंने कहा।
जाम और जल समस्या पर फोकस
विवेकानंद त्रिपाठी ने शहर में बढ़ती ट्रैफिक जाम और पेयजल संकट को गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि उनके पास इन समस्याओं का व्यावहारिक समाधान है। उन्होंने दावा किया कि उपमेयर बनने के बाद वे इन मुद्दों पर ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ेंगे।
फ्लाईओवर और बोर्ड मीटिंग पर उठाए सवाल
त्रिपाठी ने फ्लाईओवर निर्माण और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वे विशेष बोर्ड मीटिंग बुलाने की मांग करेंगे, जिसमें स्थानीय विधायक और सांसद की उपस्थिति जरूरी होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में बोर्ड मीटिंग में न तो विधायक और न ही सांसद की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। “जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे शहर के विकास कार्यों में सहभागी बनें। विधानसभा या संसद तक हमारी आवाज उन्हीं के माध्यम से पहुंच सकती है,” उन्होंने कहा।
विकास कार्यों को लेकर नाराजगी
र्व डिप्टी मेयर राकेश कुमार सिंह उर्फ मंगल सिंह का जिक्र करते हुए त्रिपाठी ने कहा कि एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में उन्होंने विरोध जताया था, क्योंकि उसमें वार्ड सदस्यों के नाम तो थे, लेकिन डिप्टी मेयर का नाम नहीं था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके कई कार्यों का उल्लेख उस प्रकाशन में नहीं किया गया।
“मेरे द्वारा किए गए कई विकास कार्यों को पुस्तक में जगह नहीं मिली, लेकिन चुनाव के दौरान मैंने जनता को अपने कामों का पूरा विवरण दिया,” उन्होंने कहा।
अचानक ऐलान क्यों?
डिप्टी मेयर पद की दावेदारी को लेकर अचानक ऐलान के सवाल पर त्रिपाठी ने कहा कि वे सुन रहे थे कि दो प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा था। ऐसे में उन्होंने स्वयं आगे बढ़कर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
“जिस तरह मैंने अपने वार्ड में कोई कमी नहीं छोड़ी, उसी तरह पूरे शहर के लिए काम करना चाहता हूं। अभी तक मैं वार्ड 33 और 34 के पार्षदों से भी चर्चा कर चुका हूं,” उन्होंने बताया।
अब 14 मार्च को होने वाले चुनाव में त्रिपाठी की दावेदारी शहर की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है।





