पत्रकार अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर : गांधी उद्यान में आज पानी को लेकर आम आदमी की पीड़ा सामने आई। विवेक वर्मा ने जो बताया, वह केवल एक व्यक्ति की समस्या नहीं, बल्कि पूरे शहर की सच्चाई को बयान करता है।
उन्होंने कहा,
“जब नल खोलता हूं तो सबसे पहले नाली जैसा पानी आता है। कुछ देर तक गंदा, बदबूदार पानी बहता रहता है। फिर थोड़ा साफ दिखने लगता है, लेकिन सही पानी पाने के लिए एक घंटे तक इंतजार करना पड़ता है।”
विवेक वर्मा के शब्दों में डर साफ झलकता है। उनका कहना है कि यह पानी पीने की बात तो दूर, इंसान छूने से भी कतराए।
“इस पानी में ऐसे कीटाणु हो सकते हैं जो सीधे इंसान के शरीर में जाकर बीमारी पैदा करते हैं,” उन्होंने चिंता जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई नई समस्या नहीं है। जल संकट और गंदा पानी वर्षों से चला आ रहा है। पहले महापौर के कार्यकाल से लेकर आज तक लोग वही पानी पीने को मजबूर हैं, लेकिन समाधान कहीं नजर नहीं आता।
आज सवाल सिर्फ पानी का नहीं है, सवाल भरोसे का है —
क्या यह पानी जीवन देगा या बीमारी?









