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October 23, 2026 2:37 am

अच्छी किताबें पढ़ने से व्यक्तित्व में आता है गुणात्मक परिवर्तन : सुलैमान जहांगीर

गोड्डा : महागामा प्रखंड अंतर्गत सामरी पंचायत के मदरसा हसन बन्ना के अहाते में बीती रात्रि को एक पुस्तक के विमोचन का भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें गोड्डा जिला सहित सीमावर्ती क्षेत्र के सैकड़ो बुद्धिजीवी, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं शिक्षण संस्थान के संचालक उपस्थित थे। वहीं डॉ० अब्दुल मजीद नदवी के द्वारा लिखी गई पुस्तक “शैख बिरादरी के जिक्र ए जावेदां” नामक पुस्तक का विमोचन था। इस आयोजन समारोह की अध्यक्षता इमारत शरिया बिहार, झारखंड और उड़ीसा के पूर्व काजी मौलाना सफीक आलम कासमी द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन बिहार के बांका जिला के धोरैया प्रखंड के शिक्षाविद एवं अलफला स्कूल के डायरेक्टर मौलाना इलियास समर कासमी एवं मदरसा राबता ए इस्लामी के अध्यक्ष मुफ्ती जाहिद अमान के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। पुस्तक में मुस्लिम समुदाय के शेख बिरादरी के इस इलाके में आगमन, उनका गौरवमयी इतिहास, अतीत में स्थापित किए गए अंजुमन एवं सामाजिक संगठनों और वर्तमान में उनके शिक्षा व्यवस्था के बारे में प्रकाश डाला गया है। पुस्तक का विमोचन झारखंड शैख कल्याण मंच के संस्थापक मो० सुलैमान जहांगीर आजाद, जिला पार्षद अरशद वहाब, मौलाना मुर्शीद आलम नदवी, मौलाना इकराम उल हक नदवी, मौलाना अब्दुल हलीम नदवी, मौलाना रफीक आलम कासमी, मौलाना नजीरुद्दीन नौसा, बसंतराय ईदगाह के इमाम मौलाना मुबारक हुसैन कासमी, शहीद ए वतन अशफ़ाकउल्ला खान मेमोरियल फाउंडेशन के अध्यक्ष मो० आफताब आलम, सेवानिवृत्त इंजीनियर अजहर हुसैन एवं इंजीनियर वहीदुज जमां, स्थानीय मुखिया मिन्हाज आलम एवं अंजुमन तरक्की उर्दू गोड्डा के उपाध्यक्ष नौजवान शायर शम्स परवाना के द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।पुस्तक विमोचन के उपरांत सभा को संबोधित करते हुए झारखंड शैख कल्याण मंच के संस्थापक मो सुलेमान जहांगीर आजाद ने कहा कि इस सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले शैख बिरादरी का इतिहास, उनके अतीत और वर्तमान को पुस्तक के शक्ल में लिखकर डॉ० अब्दुल मजीद ने सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति, समाज एवं बिरादरी के उत्तरोत्तर विकास में अच्छी पुस्तक की माहिती भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में रहने वाले शेख बिरादरी के आगमन इराक के मुसल शहर से कड़क मणिपुर हुआ और फिर वहां से माइग्रेट करते हुए बिहार शरीफ के रास्ते से इस इलाके में बस गए और इसके कुछ परिवार पूर्णिया जिला में बस गए उन्होंने शेख बिरादरी के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। पुस्तक के महत्व को बताते हुए कहा कि सुरूर ए ईल्म है कैफ ए शराब से बेहतर, कोई रफीक नहीं किताब से बेहतर। आगे उन्होंने जोशीले अंदाज में कहा कि “नौजवानों के इरादे को हम कमजोर नहीं होने देंगे, उनके हाथों में फूल तो जिगर फौलाद का बना देंगे। वहीं पुस्तक विमोचन समारोह की अध्यक्षता कर रहे हैं इमारत शरिया के पूर्व काजी मौलाना शफीक आलम ने पूरे क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थाओं के अतीत और वर्तमान पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि बगैर शिक्षा के हम आगे नहीं बढ़ सकते। क्षेत्र के रौशन भविष्य के लिए बच्चे और बच्चियों के हाथों में कलम और किताब को थामा कर उनकी बेहतर परवरिश करते हुए क्षेत्र में आईएएस और आईपीएस बनाने हेतु शैक्षणिक वातावरण को बनने पर ज़ोर दिया जाए। डॉ० अब्दुल मजीद के साथ क्षेत्र से आए बुद्धिजीवियों, समाज सेवियों एवं शिक्षाविदों द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इसके साथ ही पुस्तक विमोचन समारोह का कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें क्षेत्र और देश में अमन शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगी गई।

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