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March 19, 2026 12:18 am

थोड़ा हट के : डायबिटीज और चीनी का संबंध-क्या कहते हैं एक्सपर्ट ?

संजीव सिंह

चीनी खाने से क्या सच में डायबिटीज होती है?

विश्व संस्था, ब्रिटिश डायबिटिक एसोसिएशन के अनुसार डायबिटीज दो तरह के हो सकते हैं –टाइप 1 और टाइप 2 । यह प्रमाणित हैं कि चीनी या मीठा सेवन के कारण टाइप 1 मधुमेह नहीं होती है। टाइप 1 मधुमेह में हमारे अग्न्याशय में इंसुलिन उत्पादक कोशिकाएं हमारी ही प्रतिरक्षा प्रणाली के द्वारा प्रभावित या नष्ट हो जाती हैं जो टाइप 1 मधुमेह का मुख्य कारण बनती है। यह एक तरह से अनुवांशिक भी हो सकता हैं।
टाइप 2 मधुमेह थोड़ा सा जटिल हैं । यह प्रमाणित हैं कि चीनी सीधे तौर पे टाइप 2 मधुमेह का कारण नहीं हैं। चीनी या मीठा पदार्थ में प्रचुर मात्रा में कैलोरी होती हैं और इसके अधिक सेवन से अपच कैलोरी बढ़ती हैं जो हमारा वजन बढ़ाती हैं। और हमारा बढ़ा हुआ वजन टाइप 2 मधुमेह के खतरे को बढ़ा देता हैं।

चीनी खाना क्या पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

फलों, सब्जियों और अन्य पदार्थो में पाए जानेवाला प्राकृतिक चीनी हमारे शरीर के लिए जरूरी हैं इसलिए इनका सेवन भी जरूरी है। पूरा कटा हुआ ताजा फल खाना लाभकारी है।अगर फलों के रस का सेवन करना हैं तो यह लगभग 150 मिलीलीटर प्रतिदिन तक रखा जा सकता है। ब्रिटिश RDA सरकारी संस्था के अनुसार 4-6 साल वालो को प्रतिदिन लगभग 19 ग्राम, 7-10 साल वालो को प्रतिदिन लगभग 24 ग्राम तथा 11 साल से अधिक उम्र वालो को प्रतिदिन लगभग 30 ग्राम चीनी का सेवन करना चाहिए। यह गाईडलाईन स्वस्थ या मधुमेह से पीड़ित दोनों के लिए सामान हैं। हालांकि मधुमेह से पीड़ित मरीजों को चीनी का सेवन कम ही रखना चाहिए। स्वस्थ जीवन के लिए हमे उतना ही चीनी का सेवन करना चाहिए जितना हम उसे जला पाए। स्वास्थ्य जोखिमों से बचने के लिए शुगर फ्री, चॉकलेट, बिस्कुट, पास्ता, सॉस, टमाटर केचप, बेक्ड बीन्स, शीतल पेय, आदि जिसमे प्रचुर मात्रा में शुगर हो उनसे दूर रहना चाहि। नियमित रूप से वर्कआउट करना भी अत्यंत जरूरी है।

मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक चीनी के सेवन और टाइप 2 मधुमेह के बीच संबंध पर शोध जारी है। मधुमेह एक जटिल स्थिति है जो कई कारणों से उत्पन्न हो सकती है।

(इस लेख में उल्लेखित बातें सिर्फ सुचना के लिए हैं। चिकित्सीय सलाह के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करे)

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