अब्दुल अंसारी
पाकुड़िया प्रखंड के पातपहाड़ी गांव में ग्राम प्रधान एवं गावं के विद्यालय के शिक्षक की संयुक्त अध्यक्षता में बाल श्रम विरोधी अभियान* के बैनर तले संस्था तेरे देश होम के सहयोग से लोक कल्याण सेवा केंद्र 12 जून को विश्व बाल श्रम रोकथाम दिवस का कार्यक्रम का आयोजन बच्चों व ग्रामीणों के बीच किया गया।कार्यक्रम में बच्चों एवं ग्रामिणों को बताया गया जो बच्चे 14 वर्ष से कम आयु के होते हैं, उनसे उनका बचपन, खेल-कूद, शिक्षा का अधिकार छीनकर, उन्हें काम में लगाकर शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर, कम रुपयों में काम करा कर शोषण करके, उनके बचपन को श्रमिक रूप में बदल देना ही बाल श्रम हैं।बाल श्रम हम सभी बच्चे एवं समाज के लिए एक अभिशाप है।बाल श्रम रोकथाम दिवस का उद्देश्य बच्चों की दुर्दशा को उजागर करने के और उनको सशक्त और शिक्षित करना है.। बाल श्रम बच्चों को स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल से दूर कर देता है, उनके मौलिक अधिकारों का हनन होता है। राष्ट्रीय स्तर पर 44 दिवसीय बाल श्रम विरोधी अभियान जो 30 अप्रैल से प्रारंभ होकर 12 जून को बच्चों व ग्रामीणों के बीच विभिन्न गांवों में नुक्कड़ नाटक, क्विज प्रतियोगिता एवं रैली के माध्यम बाल श्रम के प्रति जागरूक किया गया। संस्था के सेंटर हेड ने बताया कि बच्चों को श्रम नहीं शिक्षा दे एवं संविधान द्वारा बच्चों के मिले मौलिक अधिकार को हर संभव हनन होने से हम सभी को रोकना चाहिए। बच्चों ने जागरूकता रैली में विभिन्न नारों से जागरूक किया जैसे *बच्चों को पढ़ाओ बाल मजदूर हटाओ, बाल मजदूरी पाप है जिसका जिम्मेदार हम और आप हैं, बाल मजदूरी एक व्यापार है बच्चों का खेलना अधिकार हैं।टीम के सदस्य सुचित्रा मुर्मू यूथ लीडर अर्पित भगत , बहामुनी टुडू , अंजुला किस्कू , प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर लीबीन सी बाबू एंव ग्रामीण व अनेक युवाओं ने भाग लिए।








