राजकुमार भगत
पाकुड़। आदिशक्ति मां दुर्गा की नौवीं स्वरूप सिद्धरात्रि की पूजा के साथ उनके नौ स्वरूप के निमित्त नौ कुमारी कन्याओं का विधिवत पूजा अर्चना की गई। मान्यता है कि जगत जननी आदि शक्ति मां दुर्गा की नौ स्वरूप हैं, पहली शैलपुत्री दूसरी ब्रह्मचारी तीसरी चंद्रघंटा चौथी कुष्मांडा पांचवी स्कंदमाता छठी कात्यायनी सातवीं कालरात्रि आठवी महागौरी एवं नवमी सिद्धिरात्रि । फल स्वरुप माता पूजा के संपन्न होने के बाद माता के 9 स्वरूप नौ रूपों की माता मानकर नौ कुमारी कन्याओं की विधिवत पूजा अर्चना की जाती है। पाकुड़ जिला मुख्यालय स्थित छोटी अलीगंज सिद्धू कानू नगर एवं राज हाई स्कूल रोड में चैती दुर्गा पूजा पंडाल में माता के नौ स्वरूप नौ कुमारी कन्याओं का पंडित जी द्वारा कुमकुम बिंदी अल्टा चंदन रोड़ी अक्षत पुष्प बेलपत्र से विधिवत पूजा अर्चना एवं आरती की गई। उन्हें हलवा पूरी खीर मिष्ठान आदि से का भोजन कराया गया। ऐसा माना जाता है कि जो कोई भक्त उनके सच्चे मन से माता के नौ रूपों की पूजा करता है उन्हें मनोवांछित फल मिलती है।







