सुदीप कुमार त्रिवेदी
पाकुड़ व शहरी इलाकों में लचर विद्युत व्यवस्था एवं हर दिन बिजली की आँख मिचौली के मुद्दे पर क्षेत्र की जनता व मतदाताओं के बीच काफी रोष व्याप्त है । गर्मी के आते ही हर वर्ष की भांति इस बार भी बिजली का पूराना खेल चालू हो चुका है जिसे लेकर शहरी व ग्रामीण इलाकों के लोग इस बार इसी को मुद्दा बनाते हुए मतदान करने की बात कह रहे हैं । बताते चले कि विद्युत विभाग की ओर से पूरे शहरी व ग्रामीण क्षेत्र को बिजली वितरण की सुविधा के मद्देनजर कुल छः फीडर में बाँटा गया है, परंतु किसी भी ईलाके में नियमित विद्युत् आपूर्ति एक टेढ़ी खीर बनी हुई है । इस बाबत नगरनबी व चेंगाडाँगा के निवासी मोहम्मद रफीक व अरूण चौधरी ने बताया कि उनके ईलाके में बिजली के जाने और आने का कोई समय निश्चित नही होता है और जब संबंधित विभाग को बिजली आने के बाबत फोन की जाती है तो फोन ही रिसीव नहीं किया जाता है । इस बाबत विद्युत विभाग के पदाधिकारी की ओर से स्थिति में सुधार किए जाने का आश्वासन दिया जाता है परंतु पाकुड़ वासियों के लिए ऐसा आश्वासन कोरा कागज ही साबित होता है । दूसरी ओर विभागीय सूत्रों की मानें तो बिजली उपभोक्ताओं की संख्या की तुलना में बिजली की हो रही कम आपूर्ति को लेकर विभाग उदासीन है जिसकी वजह से ऐसी समस्या आती है । बताते चले कि विद्युत की आँख मिचौली का खेल यहाँ चलने वाले पत्थर उद्योग को परेशान नहीं करता है ।





