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May 11, 2026 2:24 am

नियम को ताक पर रखकर किया गया सेविका का चयन,चयन प्रक्रिया में सीडीपीओ काफी रेस दिखी।

फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने का आरोप लगने के बाबजूद किया गया सेविका का चयन

बजरंग पंडित

पाकुड़ जिला अंतर्गत महेशपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत के ग्राम लखीपुर में गत दिनों आँगनबाड़ी सेविका के चयन में गड़बड़ी का मामले प्रकाश में आया है । मामले के बाबत बताया जा रहा है कि जिस आँगनबाड़ी सेविका का चयन किया गया है उसकी तमाम शिक्षा दीक्षा बंगाल के नलहट्टी में हुई है, चयनित सेविका शबनम परवीन की शादी नौ माह पहले महेशपुर प्रखंड के रामपुर पंचायत के लखीपुर गाँव निवासी से हुई है । मामले को लेकर उसी गाँव के निवासी मोहम्मद कारीमुल्ला ने इस संबंध में संबंधित विभाग से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत चयनित सेविका की तमाम शैक्षणिक प्रमाण पत्र की सूचना माँगी थी,परंतु बकौल कारीमुल्ला विभाग की ओर से तयशुदा समयावधि के बाद भी सूचना नही दी गई है । मामले को लेकर मोहम्मद कारीमुल्ला ने पाकुड़ उपायुक्त को भी एक आवेदन सौंप कर जानकारी दी है । इस बाबत सीडीपीओ ने संपर्क करने पर बताया कि इसमे अगर गड़बड़ी हुई है तो निश्चित तौर पर कार्यवाही की जाएगी । बंगाल के शैक्षणिक प्रमाण पत्र व फर्जी प्रमाण पत्र के बाबत पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मेधा सूची के आधार पर चयन किया जाता है, प्रमाण पत्र फर्जी है या सही इसके जाँच हेतु उनके पास कोई प्रमाणित पैमाना नही होता है । आगे उन्होंने बताया कि उपलब्ध नियमावली में भी दूसरे राज्य के शैक्षणिक प्रमाण पत्र को अमान्य करार दिए जाने का भी कोई प्रावधान नही है । अब सवाल उठता है कि सब कुछ अगर सही है तो फिर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत माँगे गए बिंदू की जानकारी क्यों उपलब्ध नही कराई गई ?

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