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April 4, 2026 8:05 am

गृह रक्षावाहिनी के वरीय पदाधिकारी के विरुद्ध जिला गृहरक्षक पहुंचे उपायुक्त के समक्ष

वरीय अधिकारी पर आर्थिक एवं मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप।

प्रीतम सिंह यादव

पाकुड़: मंगलवार को जिला गृहरक्षकों ने आवेदन लेकर पहुंचे उपायुक्त के समक्ष। आवेदन के अनुरूप अपने कार्यालय के वरीय अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक पहल की गुहार डीसी से लगाया गया। दरअसल मामला दिनांक 12.04.2024 को पुलिस उपाधिक्षक के द्वारा समाचार पत्र के माध्यम से कहा गया था कि नियम बदला जायेगा। वर्षों से विधि व्यवस्था के नाम पर एक ही जगह पर बैठे है होम गार्ड के जवानों को आज तक बदला नहीं गया न ही अब तब कई ऐसे जवान है जो बदले नहीं गये है। इन लोगो ने आरोप लगाते हुए कहा कि हमने बहाली के समय एवं पुनः नामांकन के समय सभी दस्तावेज का छायाप्रति कार्यालय में जमा किया था। जिसमें झारखण्ड सरकार द्वारा ऑनलाईन बना निवास प्रमाण-पत्र भी शामिल था। ज्ञात हो 2016 के बाद का ऑनलाईन बने निवास प्रमाण-पत्र सभी परियोजन के लिए मान्य है, जिसे पुनः बनाने की आवश्यक्ता नहीं है, परंतु कार्यालय सूचना जारी कर सभी जवानों से 2025 का निवास प्रमाण-पत्र 20 दिनों के अन्दर कार्यालय में जमा करने का आदेश दिया गया है, जो कि उचित नहीं है एवं मनमाने पन का घोतक है।
सभी ने उपायुक्त से निवेदन करते हुए कहा कि सूचना जारी करने वाले पदाधिकारी को आदेशित करें कि हमारे द्वारा पूर्व में जमा किये गये निवास प्रमाण-पत्र को लिखित रूप से अमान्य घोषित करें, इसके उपरांत ही हमसभी जवान ऑन लाईन निवास प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करेंगे। ज्ञात हो गृहरक्षावाहिनी एवं अग्निशमन सेवा, झारखण्ड, राँची कार्यालय के ज्ञापांक
सं0-893, दिनांक 16.05.2015 की कण्डिका-17 में स्पष्ट रूप से आदेशित है कि रोस्टर के आधार पर जवानों को ड्यूटी दिया जाय, किन्तु विधि व्यवस्था में वरीय पदाधिकारियों के कार्यालय / आवास पर प्रतिनियुक्त किये गये, कई ऐसे जवान है जो वर्षों से एक ही स्थान पर प्रतिनियुक्त है, जिसके कारण बहुत से जवान अपने ड्यूटी के प्रतिक्षा में घर पर बेरोजगार ही कई माह तक बैठे रहते है। पाकुड़ गृह रक्षावाहिनी कार्यालय में वरीय पदाधिकारी द्वारा संगठनात्मक ड्यूटी में प्रतिनियुक्त जवानों द्वारा ड्यूटी देने के एवज में अवैध रूपयों की वसूली कर जवानों का ड्यूटी उनके द्वारा दिये गये रूपयों के वजन के अनुसार सौंपी जाती है। ऐसे मामलों से साफ पता चलता है कि गृह रक्षा वाहिनी के शोषण किया जा रहा है। आवेदन सौंपने सूरज कुमार गुप्ता, कार्तिक कुमार मंडल, संजय कुमार यादव, कन्हैया कुमार सिंह, मो मौजिम, राजीव रंजन, मो नईम सहित दर्जनों जवान मौजूद थे।

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