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March 12, 2026 11:39 am

लंगटा बाबा उर्फ लंगेश्वरी बाबा मेला: पालकी यात्रा के साथ शुरू हुई धार्मिक कार्यक्रम

खरगडीहा समाधि स्थल से खरगडीहा बाजार में पालकी यात्रा का शुभारंभ


लंगटा बाबा ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल खरगडीहा के छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों ने पालकी यात्रा में भाग लिया

सुधीर सिन्हा
जमुआ। गिरिडीह।
गिरिडीह जिला के जमुआ प्रखंड स्थित खरगडीहा लंगटा बाबा समाधि में बुधवार 31 दिसंबर को पालकी यात्रा का आयोजन किया गया । इस मेले की शुरुआत कार्यक्रम पालकी यात्रा के साथ हुई, हर साल की तरह इस साल भी पालकी यात्रा निकाली गई ।
पालकी यात्रा में लंगटा बाबा ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल खरगडीहा के छात्र-छात्राओं समेत बाबा के श्रद्धालु भक्तों , स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। पालकी यात्रा काफी आकर्षक थी। छात्र छात्राएं कार्यक्रम में कतारबद्ध ,बड़ी शालीनता के साथ खरगडीहा बाजार , गलियों में भ्रमण की।

लंगटा बाबा समाधि परिसर में पालकी यात्रा में सम्मिलित छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय नागरिकों को प्रसाद के रूप में भोजन उपलब्ध कराया गया।

लंगटा बाबा का असली नाम लंगेश्वरी बाबा था, जिन्होंने 1910 में समाधि ली थी। वह एक महान संत थे, जिन्होंने मानवता की सेवा की और आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं ।
मेले की तैयारी जोरों पर है, जिसमें पालकी यात्रा,कार्य आज पूर्ण हो गया,जबकि चादरपोशी और अन्य धार्मिक कार्यक्रम 03 जनवरी को हैं। इस मेले में विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु आते हैं और बाबा के समाधि पर चादरपोशी करते हैं ।
*सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक

लंगटा बाबा समाधि स्थल सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोग आते हैं और श्रद्धा से मत्था टेकते है।

लंगटा बाबा मेला 3 जनवरी को आयोजित होगा।
मेले की शुरुआत कार्यक्रम पालकी यात्रा के साथ हो गया।
लंगटा बाबा का असली नाम लंगेश्वरी बाबा था।
बाबा ने 1910 में समाधि ली थी।
मेले में विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु आते हैं।
बाबा के समाधि पर चादरपोशी की जाती है।
मेले में सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी धर्मों के लोग आते हैं।
मेले की तैयारी जोरों पर है।
मेले में धार्मिक कार्यक्रम और लंगर की व्यवस्था होती है ।

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