पाकुड़। जिले के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी और दूरगामी पहल के तहत प्रोजेक्ट ‘प्रयास – हुनर से होनहार तक’ को नई पहचान मिली है। इसी कड़ी में भगवान बिरसा मुंडा शिक्षण केंद्र सह पुस्तकालय और जेपीएससी–जेएसएससी निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का शुभारंभ किया गया। उपायुक्त मनीष कुमार ने दीप प्रज्वलन कर इस आधुनिक अध्ययन केंद्र की शुरुआत की। उनके साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती, जिला क्रीड़ा पदाधिकारी राहुल कुमार और एडीपीओ पीयूष कुमार मौजूद रहे। यह केंद्र न सिर्फ एक इमारत है, बल्कि पाकुड़ के सैकड़ों युवाओं के सपनों को आकार देने की दिशा में मजबूत कदम माना जा रहा है। यहां स्मार्ट क्लास, सेल्फ स्टडी, फॉर्म भरने और प्रिंटआउट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। आने वाले दिनों में रीडिंग रूम, कैफेटेरिया और औषधीय गार्डन भी विकसित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और अनुकूल अध्ययन माहौल मिल सके।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि यह केंद्र दूरदृष्टि, समर्पण और निरंतर मेहनत का परिणाम है। “रास्ता दिशा दिखाता है, लेकिन चलना खुद पड़ता है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं है, जो परिश्रम करेगा वही आगे बढ़ेगा,” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा। उपायुक्त ने परिसर को स्वच्छ, अनुशासित और सकारात्मक बनाए रखने की अपील की और भविष्य में अनुभवी शिक्षकों व अधिकारियों द्वारा कक्षाएं लिए जाने की बात कही।
शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक और अहम कदम उठाते हुए उपायुक्त ने पुस्तक दान अभियान की भी शुरुआत की। उन्होंने स्वयं अपने माता-पिता की ओर से पुस्तक दान कर इस अभियान का शुभारंभ किया और आमजनों से भी पुस्तक दान की अपील की। जिला शिक्षा पदाधिकारी अनीता पुरती ने इस पहल को “नई शुरुआत और नए सपनों का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा कि उपायुक्त की पहल से शिक्षा विभाग की पुरानी इमारत को आधुनिक शैक्षणिक केंद्र में बदला जा रहा है, जिससे जेपीएससी, जेएसएससी, सेना, सुरक्षा बल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जल्द ही इस केंद्र से ऐसे सफल अभ्यर्थी निकलेंगे, जो पाकुड़ का नाम राज्य और देश स्तर पर रोशन करेंगे।







