पत्रकार अंकित कुमार लाल
मेदिनीनगर (पलामू)।
मेदिनीनगर नगर निगम से जुड़ी एक पुस्तक के विमोचन के बाद शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। पुस्तक में नगर निगम के कार्यों का उल्लेख किए जाने के बावजूद पूर्व उपमहापौर मंगल सिंह का नाम शामिल न किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में अब मंगल सिंह के समर्थक खुलकर उनके पक्ष में सामने आ गए हैं।
समर्थकों का कहना है कि किसी भी नगर निगम को सुचारू रूप से चलाने में केवल महापौर ही नहीं, बल्कि उपमहापौर, पार्षद, अधिकारी, कर्मचारी, सफाईकर्मी और जनता—सभी की अहम भूमिका होती है। ऐसे में विकास कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले मंगल सिंह का नाम नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
समर्थन में जारी बयान में कहा गया है कि मंगल सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान नगर निगम के कार्यों में पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ योगदान दिया है, जिसे जनता भली-भांति जानती है। उनके योगदान को प्रमाणित करने के लिए किसी प्रमाणपत्र या पुस्तक की आवश्यकता नहीं है, बल्कि जनता का विश्वास ही सबसे बड़ा प्रमाण है।
समर्थकों ने यह भी कहा कि इस प्रकार की राजनीति से न तो जनभावनाओं का सम्मान होता है और न ही जनकल्याण का उद्देश्य पूरा होता है। अंत में यह संदेश भी दिया गया कि आने वाले समय में जनता ही इसका जवाब देगी।
नगर निगम से जुड़े इस विवाद ने स्थानीय राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है और अब सभी की नजर जनता की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।





