कहा- वाशिंग पिट और कोचिंग डिपो का निर्माण कार्य जल्द होगा पूरा
गोड्डा : मालदा डिवीजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने गोड्डा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करते हुए क्षेत्र के रेल विकास को लेकर बड़ी बातें कहीं। उन्होंने कार्यों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि रेलवे का मुख्य लक्ष्य इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करना है। डीआरएम ने उम्मीद जताई कि वर्तमान प्रगति को देखते हुए जुलाई तक वाशिंग पिट और कोचिंग डिपो का कार्य पूर्ण कर इसे चालू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके शुरू होने से गोड्डा को एक स्टेबलिंग लाइन मिल जाएगी, जो ट्रेनों के परिचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वर्तमान में ट्रेनों के रैक मेंटेनेंस के लिए भागलपुर भेजे जाते हैं, लेकिन वाशिंग पिट बनने के बाद यह अनावश्यक आवाजाही बंद हो जाएगी और गोड्डा में ही ट्रेनों का रखरखाव संभव होगा, जिससे नई ट्रेनों की शुरुआत के द्वार खुलेंगे।
स्टेशन की सूरत पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि गोड्डा अब ‘अमृत भारत स्टेशन’ के रूप में एक आधुनिक पहचान बना चुका है और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं, जिनमें भविष्य में और भी सुधार किया जाएगा। रेलवे लाइन के विस्तार को लेकर उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की कि गोड्डा-पीरपैंती सेक्शन पर काम जारी है और इसे 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वहीं, गोड्डा-पाकुड़ रेल लाइन को लेकर उन्होंने सकारात्मक संकेत देते हुए बताया कि इसकी डीपीआर अब रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है। इसके अलावा, दुमका से भागलपुर रूट के दोहरीकरण और हंसडीहा बायपास को भी मंजूरी मिल चुकी है। डीआरएम के अनुसार, चूंकि यह रूट फिलहाल ओवरसैचुरेटेड है, इसलिए दोहरीकरण का कार्य पूरा होते ही यहाँ से और अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी, जिससे गोड्डा आने वाले समय में एक बड़े रेल हब के रूप में उभरेगा।






