पाकुड़। जिले में चल रहे “मेडिएशन फॉर द नेशन 2.0” अभियान के तहत आज एक महत्वपूर्ण मामला सफल मध्यस्थता से सुलझा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ कुमार क्रांति प्रसाद की अध्यक्षता में और प्रभारी सचिव सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी के मार्गदर्शन में यह मध्यस्थता संपन्न हुई। मामला पाकुड़ व्यवहार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक के नेतृत्व में चल रहे मूल भरण पोषण वाद संख्या 326/2025, रेशमी खातून बनाम दाविरुल हासन का था। लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के बीच चल रहे मतभेद को प्रधान न्यायाधीश के अथक प्रयास से समाप्त कर दिया गया।
दोनों पक्षों ने आपसी मनमुटाव को भूलकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया और एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भविष्य में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद से बचने का संकल्प लिया। रजनीकांत पाठक के प्रयास और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की मध्यस्थता के साथ-साथ दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के योगदान से टूटता परिवार फिर से एक हो गया।
मौके पर दंपति के परिजन, अधिवक्ता और न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रधान न्यायाधीश ने दंपति को परिवार के साथ मिलजुल कर रहने और मतभेद से बचने का संदेश भी दिया।





