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February 11, 2026 6:24 am

कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ मे दो दिवसीय कृषि यांत्रिक मेला का हुआ उद्घाटन

मांडू। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (पूर्वी अनुसन्धान परिसर, पटना) के निदेशक डॉ अनूप दास के नेतृत्व में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकी मेले का आयोजन मांडू स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, रामगढ़ में हुआ। इस मेले का उद्घाटन मुख्य अतिथि मांडू विधायक निर्मल महतो द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं आईसीएआर गीत के साथ किया गया।

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सभा को संबोधित करते मुख्य अतिथि मांडू विधायक

मौके पर मुख्य अतिथि ने मेले में लगी कृषि यंत्रों एवं तकनीकों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया साथ ही केवीके के प्रक्षेत्र में वैज्ञानिक विधि से किए जा रहे प्रत्यक्षणों की सराहना की। इस अवसर पर कृषि मेले का प्रमुख आकर्षण कृषि ड्रोन द्वारा कीटनाशी छिड़काव का सजीव प्रदर्शन रहा, जिसका महिला किसानों ने विशेष उत्साह के साथ अवलोकन किया।

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मौके पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, पटना से आए डॉ. पवन जीत एवं कृषि प्रणाली अनुसंधान केंद्र, प्लांडू के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. संतोष माली ने कृषि में ड्रोन तकनीक की उपयोगिता, सटीक छिड़काव, लागत में कमी एवं पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से जानकारी दी। मुख्य अतिथि श्री महतो ने अपने संबोधन में कहा कि महिला-केंद्रित आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से महिलाएं न केवल शारीरिक श्रम से मुक्त होंगी, बल्कि कृषि संबंधी निर्णयों में उनकी भूमिका भी मजबूत होगी।

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उन्होंने महिला किसानों के हित में केवीके, रामगढ़ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की साथ ही उन्होंने मांडू का एक विशेष पहचान चिन्ह आई लव मांडू जल्द से जल्द बनवाने की घोषणा की। इस अवसर पर केवीके, रामगढ़ के प्रधान डॉ. सुधांशु शेखर ने केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि महिला-अनुकूल कृषि यंत्रों, यंत्रीकरण एवं नवीन तकनीकों को खेतों तक पहुँचाने के लिए केवीके सतत कार्य कर रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें।

डॉ सुधांशु शेखर

विशिष्ट अतिथि डॉ. विशाल नाथ, विशेष कार्य अधिकारी, भा.कृ.अनु.प., आईएआरआई, झारखंड ने कहा कि कृषि ड्रोन भविष्य की खेती की रीढ़ हैं, जो सटीकता के साथ लागत घटाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं। डॉक्टर अवनि कुमार सिंह, प्रधान, कृषि प्रणाली अनुसंधान केंद्र, प्लांडू, रांची ने पहाड़ी एवं पठारी क्षेत्रों में महिला किसानों के लिए हल्के, सस्ते एवं टिकाऊ कृषि यंत्रों की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, डॉ. प्रेम कुमार सुंदरम, वरीय वैज्ञानिक, आईसीएआर, पटना ने मेले की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि कृषि यंत्रीकरण छोटे एवं सीमांत किसानों, विशेषकर महिलाओं के लिए समय, श्रम एवं लागत बचाने का प्रभावी साधन है। मेले में जीरो टिलेज मशीन, हैप्पी सीडर, पोटैटो प्लांटर, रोटावेटर, मल्चर, रीपर, आलू खुदाई यंत्र, डक फुट कल्टीवेटर सहित अनेक आधुनिक एवं महिला-अनुकूल कृषि यंत्रों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही महिला किसानों के लिए विशेष तकनीकी सत्र, कृषक-वैज्ञानिक संवाद एवं समस्या समाधान सत्र का आयोजन किया गया।

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मौके पर विशेषज्ञ दल से डॉ. अजीत कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार सिन्हा, डॉ. धर्मजीत खेरवार, मनोज कुमार सिन्हा एवं सन्नी कुमार सहित अनेक वैज्ञानिक एवं अधिकारी विशेषज्ञों द्वारा किसानों की समस्याओं का समाधान किया। जनप्रतिनिधियों में मुखिया मांडू डीह बैजनाथ राम, उप-मुखिया मांडू चट्टी एवं विधायक प्रतिनिधि पंकज कुमार, जिला पशुपालन पदाधिकारी एल बी. प्रसाद, गोला के प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार केंद्र के गौरव कुमार, शशि कांत चौबे एवं रौशन कुमार उपस्थित रहे साथ ही जिला के विभिन्न गाँवो के 450 से अधिक अनुसूचित जाति किसान, जिनमें 335 से अधिक अनुसूचित जाति महिला किसान शामिल थीं, ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के मंच का संचालन डॉ. इंद्रजीत द्वारा किया गया। परिसर में लगे दर्जनों स्टॉल ने मेले की शोभा बढ़ाई।

कृषि यांत्रिक मेले में लगे दर्जनों स्टॉल

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