पाकुड़। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक विशेष दवा सेवन अभियान चलाया जाएगा। उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस दौरान सभी पात्र लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभियान को मिशन मोड में चलाया जाएगा और 13 फरवरी को अधिकतम लोगों को दवा सेवन कराने का लक्ष्य रखा गया है।
रविन्द्र भवन टाउन हॉल में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम (एमडीए-आईडीए 2026) को लेकर जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला हुई। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सहिया, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, सीएचओ, जेएसएलपीएस दीदी, पीडीएस डीलर और अन्य कर्मी शामिल हुए। प्रतिभागियों को दवा वितरण की प्रक्रिया, जनजागरूकता और फील्ड स्तर पर कामकाज की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया गंभीर लेकिन रोकी जा सकने वाली बीमारी है। समय पर दवा सेवन से शरीर में मौजूद संक्रमण खत्म होता है और हाथीपांव जैसी जटिलता से बचाव होता है। चिन्हित संवेदनशील गांवों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को दवा के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने अफवाहों से बचने और दवा को सुरक्षित मानकर सेवन करने की अपील की। कार्यशाला में उपस्थित कर्मियों को अभियान सफल बनाने की शपथ दिलाई गई। घर-घर जाकर लोगों को दवा खिलाने और जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया। उपायुक्त ने बताया कि हाइड्रोसील से पीड़ित चिन्हित मरीजों का सदर अस्पताल में निःशुल्क इलाज व ऑपरेशन किया जाएगा। साथ ही टीबी और सर्वाइकल कैंसर की पहचान व उपचार के लिए भी विशेष पहल चल रही है।







