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February 11, 2026 1:46 pm

जल सहियाओं का दर्द विधायक के दरबार तक पहुंचा।

2 साल से अटका मानदेय, 50% से ज्यादा पैसा लौटाया गया – जीवन बीमा, न्यूनतम मजदूरी और समायोजन की उठी मांग

पाकुड़िया | झारखंड राज्य जल सहिया संघ महेशपुर व पाकुड़िया प्रखंड कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को महेशपुर विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी से मुलाकात कर अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्षों से पेयजल व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली जल सहियाओं को विभागीय लापरवाही और मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लंबित मानदेय भुगतान के लिए जिलों को राशि आवंटित की गई थी, लेकिन कार्यपालक अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई जिलों में केवल 30 से 50 प्रतिशत ही भुगतान हुआ। शेष राशि को मार्च क्लोजिंग का बहाना बनाकर राज्य को वापस कर दिया गया।

अप्रैल 2024 से अब तक नहीं मिला दो साल का मानदेय।

संघ के अनुसार, अप्रैल 2024 से दो साल बीत जाने के बावजूद आज तक राशि का दोबारा आवंटन नहीं हुआ। विभाग यह कहकर भुगतान टाल रहा है कि राज्य से फंड नहीं आया है। इसका सीधा असर हजारों जल सहियाओं पर पड़ा है, जो महीनों से बिना मानदेय और प्रोत्साहन राशि के काम करने को मजबूर हैं। प्रतिनिधियों ने कहा कि जल सहियाएं बेहद गरीब महिला श्रमिक हैं और इस उपेक्षा से उनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच रहा है।
जल सहियाओं की प्रमुख मांगें है_

महंगाई के अनुरूप न्यूनतम मजदूरी के बराबर मानदेय लागू हो।

₹20 लाख का जीवन बीमा, कार्य के दौरान मृत्यु पर आश्रित को नौकरी या आर्थिक सहायता की बाध्यकारी नीति बने।

शहरी क्षेत्र की जल सहियाओं का नगर निकायों में समायोजन हो और जल जीवन मिशन में अनिवार्य भागीदारी मिले।

मुखिया द्वारा बिना कारण हटाए जाने पर रोक लगे, स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी हों।

स्थायी नीति के तहत समायोजन और मोबाइल रिचार्ज भत्ता अनिवार्य किया जाए।

जिन जिलों में राशि वापस कर दी गई है, वहां दोबारा फंड आवंटित कर शत-प्रतिशत भुगतान हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों का लंबित भुगतान तत्काल कराया जाए।

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विधानसभा में उठेगा मुद्दा।

विधायक प्रो. स्टीफन मरांडी ने जल सहियाओं की समस्याएं गंभीर बताते हुए भरोसा दिलाया कि आगामी विधानसभा सत्र/बजट सत्र में ध्यानाकर्षण या स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से इन मांगों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। मौके पर सुनीता देवी, नूरजहां खातून, रीना देवी, एलिजाबेथ मुर्मू, अनीता सोरेन, सरिफा खातून, तुहिना खातून, ताहिरा बीबी, जीना देवी सहित अन्य जल सहियाएं मौजूद थीं।

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